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August 19 2026 02:31 pm

सोनम वांगचुक को हटाने के बाद बढ़ा बवाल, अब CJP संस्थापक अभिजीत दीप्के करेंगे भूख हड़ताल; संसद मार्च का ऐलान

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नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले में 20 दिनों से अनशन पर बैठे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। वांगचुक की गिरफ्तारी और बल प्रयोग के विरोध में अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीप्के (Abhijit Deepke) ने स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Indefinite Hunger Strike) शुरू करने का ऐलान कर दिया है।

इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आगामी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session) से ठीक पहले प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपने तेवर बेहद कड़े कर लिए हैं।

नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

गौरतलब है कि 59 वर्षीय सोनम वांगचुक 28 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की मांगों के समर्थन में अनशन पर बैठे थे।

मुख्य मांग: सीजेपी और प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग यह है कि मई में हुए देशव्यापी नीट (NEET) पेपर लीक घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।

विपक्ष का भारी समर्थन: हाल के दिनों में कई प्रमुख विपक्षी दलों के बड़े नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक और छात्रों के इस आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है। हालांकि, सरकार की तरफ से इस आंदोलन को लगातार अनदेखा किए जाने का आरोप लग रहा है।

'60 साल के बुजुर्ग को घसीटा और गाली-गलौज की': अभिजीत दीप्के

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीप्के ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं:

अभिजीत दीप्के का बयान: "सरकार ने सोनम वांगचुक को जबरन हटाकर एक बेहद गंभीर और ऐतिहासिक गलती की है। करीब 60 वर्ष के एक बुजुर्ग व्यक्ति, जो पिछले 20 दिनों से देश के छात्रों के लिए भूखा बैठा था, उसे दिल्ली पुलिस ने गाली-गलौज करते हुए घसीटा और जबरन वहां से हटाया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान भारी बल प्रयोग किया और उन्हें सफेद चादरों से ढंककर एक अपराधी की तरह ले गई। अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है, बल्कि यह और अधिक मजबूत होगा।"

हाई कोर्ट का निर्देश बनाम पुलिस की दलील

सोनम वांगचुक को हटाए जाने के पीछे दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के उस आदेश का हवाला दिया जा रहा है, जिसमें वांगचुक की गिरती सेहत पर चिंता जताई गई थी:

पक्ष (Parties)आधिकारिक बयान / दलील (Arguments)
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi HC)अदालत ने गुरुवार को सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि "सोनम वांगचुक का जीवन बचाने के लिए जो भी चिकित्सीय हस्तक्षेप (Medical Intervention) आवश्यक हो, वह प्रशासन द्वारा किया जाना चाहिए।"
दिल्ली पुलिस (Delhi Police)पुलिस का दावा है कि उन्होंने केवल हाई कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन किया है और वांगचुक को उचित तरीके से अस्पताल पहुंचाया है। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को बाधित करने का प्रयास किया, जिससे मौके पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मची।

पत्नी गीतांजलि की अस्पताल से सख्त चेतावनी और मानसून सत्र पर 'संसद मार्च'

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जेअंगमो ने सफदरजंग अस्पताल से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद महत्वपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए डॉक्टरों को चेताया है। उन्होंने साफ कहा, "मेरे, परिवार की और पिछले 20 दिनों से उनकी स्वास्थ्य निगरानी कर रहे डॉक्टरों की लिखित अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को न तो मौखिक रूप से और न ही नसों के जरिए (IV Fluids) कोई दवा या उपचार दिया जाए।"

संसद मार्च की बड़ी तैयारी:

अभिजीत दीप्के ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे और सोमवार को जैसे ही संसद का मानसून सत्र शुरू होगा, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च (March to Parliament) निकालेंगे। इस बड़े ऐलान के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की तैनाती कर दी गई है और पूरे इलाके को किले में तब्दील कर दिया गया है।