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August 09 2026 10:02 am

शेख हसीना के दिसंबर वापसी के ऐलान से डगमगाई तारिक सरकार: BNP सांसद के अवामी लीग पर दिए बयान से मची खलबली

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बांग्लादेश की राजनीति में इस समय भूचाल आया हुआ है, जिसकी मुख्य वजह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का वह बड़ा ऐलान है जिसमें उन्होंने इसी साल दिसंबर महीने में देश लौटने की बात कही है। दिल्ली में दिए गए हसीना के इस बयान के बाद पड़ोसी देश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। इस बीच, सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक सांसद के बयान ने सरकार की नींद उड़ा दी है। सांसद ने प्रतिबंधित हो चुकी अवामी लीग को अपना 'सहयोगी' बताते हुए दोनों पार्टियों के विलय की अजीबोगरीब मांग कर दी है, जिससे खुद BNP और तारिक रहमान सरकार भारी असहजता और खलबली में नजर आ रही है।

दिल्ली से शेख हसीना का बड़ा दांव और दिसंबर वापसी की हुंकार

गत बुधवार, 5 अगस्त को दिल्ली के 'फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया' द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना ने हिस्सा लिया। जुलाई और अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल होकर भारत में शरण लेने के दो साल बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक संबोधन था। इस दौरान हसीना ने ऐलान किया कि उनका इरादा इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का है। उनका यह प्रस्तावित समय 1971 के मुक्ति संग्राम की वर्षगांठ के साथ मेल खाता है, जिसके बाद से ढाका में राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है और अंतरिम व वर्तमान सरकार के खेमे में चिंता साफ देखी जा रही है।

BNP सांसद नासिरउद्दीन चौधरी का चौंकाने वाला बयान

ढाका के प्रमुख मीडिया आउटलेट 'प्रथम आलो' की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनामगंज-2 से BNP सांसद नासिरउद्दीन चौधरी ने एक रैली को संबोधित करते हुए हैरान करने वाला बयान दिया। उन्होंने मंच से खुलकर कहा कि अवामी लीग उनकी दुश्मन नहीं बल्कि सहयोगी हैं, क्योंकि दोनों ने मिलकर कभी मुक्ति संग्राम लड़ा था। सांसद ने यहां तक कह दिया कि आने वाले समय में अवामी लीग का BNP में विलय हो जाना चाहिए। हालांकि, सांसद का यह बयान पार्टी और सरकार के आधिकारिक रुख से पूरी तरह उलट है, जिसके चलते वे अपनी ही पार्टी के भीतर अलग-थलग पड़ते हुए नजर आ रहे हैं और पार्टी नेतृत्व इस पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

तारिक सरकार और विदेश मंत्रालय की भारत पर कड़ी प्रतिक्रिया

शेख हसीना को दिल्ली में मीडिया मंच मिलने और उनके बلق आउट को लेकर बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार और विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। BNP सरकार लगातार भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करती रही है और उन पर देश में अस्थिरता फैलाने के आरोप लगाती है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर नई दिल्ली के रुख पर नाराजगी जताई और कहा कि हसीना को इस तरह मंच देना द्विपक्षीय रिश्तों के हित में नहीं है। वहीं, कार्यवाहक राष्ट्रपति हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम ने भी खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि वे दिसंबर में लौटती हैं, तो उनका स्वागत है और हम सड़कों पर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।