मार्केट क्लोजिंग: सुबह 800 अंक टूटने के बाद सेंसेक्स-निफ्टी की शानदार रिकवरी, IT शेयरों के दम पर हरे निशान में बंद हुआ बाजार
मुंबई: वैश्विक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने सोमवार को शुरुआती भारी गिरावट से उबरते हुए शानदार वापसी की है। अमेरिका-ईरान विवाद और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की आशंका के चलते सुबह सेंसेक्स 606 अंक और निफ्टी 167 अंक की बड़ी गिरावट के साथ खुले थे। एक समय सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 76,857 पर चला गया था, लेकिन आईटी (IT) कंपनियों की जोरदार लिफ्टिंग के दम पर बाजार निचले स्तर से करीब 800 अंक सुधरकर अंततः हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी का क्लोजिंग का हाल
सोमवार को बाजार के बंद होने के समय सूचकांकों की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
सेंसेक्स (Sensex): 0.06% या 47.01 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,616.40 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी (Nifty): 0.02% या 4.10 अंकों की बढ़त हासिल कर 24,211 के स्तर पर क्लोज हुआ।
रुपया (Rupee): अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज 37 पैसे फिसलकर 95.70 पर खुला।
IT दिग्गजों ने संभाला मोर्चा, HCL और TCS चमके
बाजार को मंदी के भंवर से निकालने में आईटी सेक्टर्स का सबसे बड़ा योगदान रहा। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 13 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
टॉप गेनर्स: टीसीएस (TCS) और एचसीएल टेक (HCL Tech) के शेयरों में 5-5 प्रतिशत से अधिक का बंपर उछाल देखा गया। इसके अलावा इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, पावर ग्रिड और एक्सिस बैंक भी मजबूती के साथ बंद हुए।
टॉप लूजर्स: दूसरी तरफ टाटा स्टील, इंडिगो (3% से ज्यादा नुकसान), मारुति, अल्ट्राटेक, सन फार्मा, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इन 4 बड़े फैक्टर्स ने प्रभावित किया आज का बाजार
1. अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलमार्ग का संकट
ईरानी मीडिया के मुताबिक दक्षिणी और पश्चिमी ईरान पर अमेरिकी हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों में घबराहट फैल गई और सुबह भारतीय बाजार लाल निशान में खुले।
2. कच्चे तेल में भड़की आग
विवाद के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उबाल आ गया। ब्रेंट क्रूड 3.88% बढ़कर 78.96 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 4.01% की तेजी के साथ 74.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
3. डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उछाल
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.58% पर पहुंच गई, जो फरवरी 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। डॉलर इंडेक्स भी मजबूत होकर 101.07 पर स्थिर रहा, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं (जैसे भारतीय रुपया) पर दबाव बढ़ा।
4. सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
वैश्विक उठापटक के बीच हाजिर सोना 1.2% गिरकर 4,072.78 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, वहीं चांदी की कीमतों में भी 1.6% की गिरावट देखी गई।