SBI Mutual Fund IPO: इश्यू साइज घटने से लिस्टिंग पर मचेगा तहलका? निवेश से पहले जानें GMP और मुनाफे का हर सटीक गणित
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी 'एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट' (SBI Funds Management) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 14 जुलाई 2026 से रिटेल निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। लेकिन आईपीओ के खुलने से ठीक पहले कंपनी ने बड़ा दांव चलते हुए अपने इश्यू साइज को 11,693 करोड़ रुपये से घटाकर 9,812 करोड़ रुपये कर दिया है। साइज घटने की खबर से बाजार में उत्सुकता बढ़ गई है कि क्या अब शेयरों की कम सप्लाई लिस्टिंग के दिन निवेशकों को बंपर मुनाफा (Listing Gain) कराएगी? आइए समझते हैं इस मेगा आईपीओ का पूरा गणित।
इश्यू साइज घटने के पीछे की असल वजह
आईपीओ साइज कम होने का कारण कोई नकारात्मक खबर नहीं है, बल्कि यह कंपनी की बाजार में तगड़ी डिमांड को दर्शाता है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही 30 दिग्गज एंकर निवेशकों से प्री-आईपीओ (Pre-IPO) प्लेसमेंट के जरिए 1,655 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। सबसे अहम बात यह है कि आकाश भंसाली, टाटा एआईजी और मालाबार इंडिया जैसे बड़े निवेशकों ने यह मोटा पैसा 574 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर ही लगाया है, जो कंपनी के शानदार भविष्य पर उनके अटूट भरोसे का सीधा संकेत है।
क्या ओवरसब्सक्रिप्शन से मिलेगा छप्परफाड़ रिटर्न?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शेयर बाजार का सीधा नियम है—जब किसी मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी के शेयरों की संख्या घटती है और मांग ज्यादा होती है, तो आईपीओ के ओवरसब्सक्राइब होने के चांस कई गुना बढ़ जाते हैं। इसका फायदा सीधे तौर पर लिस्टिंग गेन में देखने को मिलता है। फिलहाल अनलिस्टेड मार्केट (Grey Market) में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर लगभग 15% के प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहा है। ध्यान दें कि यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें प्रमोटर्स एसबीआई (SBI) और अमुंडी (Amundi) सिर्फ अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, कंपनी में कोई नया पैसा नहीं आ रहा है।
आंकड़ों में कितनी दमदार है SBI AMC?
एसबीआई म्यूचुअल फंड का संचालन करने वाली यह कंपनी करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये के एयूएम (AUM) के साथ भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री (15% मार्केट शेयर) की सिरमौर है। वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनेंशियल आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट 21% के भारी उछाल के साथ 3,067 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसका शानदार 43.02% का रिटर्न ऑन नेटवर्थ (RoNW) इसकी तगड़ी कमाई क्षमता की गवाही दे रहा है।
नोट कर लें ये जरूरी तारीखें
यदि आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने का मन बना रहे हैं, तो जान लें कि यह 14 जुलाई से 16 जुलाई तक निवेश के लिए खुला रहेगा। शेयरों की संभावित लिस्टिंग 21 जुलाई को शेयर बाजार में होगी। ऊपरी प्राइस बैंड 574 रुपये पर इसका वैल्यूएशन अन्य लिस्टेड कंपनियों के मुकाबले काफी आकर्षक माना जा रहा है।