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November 06 2026 05:41 pm

मोदी सरकार का 'रिपोर्ट कार्ड': प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों की जवाबदेही तय, फिजूलखर्ची पर लगी लगाम

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India News Live,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकार के कामकाज की समीक्षा करते हुए मंत्रालयों का विस्तृत 'रिपोर्ट कार्ड' जारी किया गया। कैबिनेट सचिवालय द्वारा तैयार किए गए इस नए मूल्यांकन तंत्र का उद्देश्य सरकारी कामकाज में गति लाना और जनता के प्रति जवाबदेही तय करना है।

मंत्रालयों का प्रदर्शन: कौन रहा 'बेस्ट'?

साल 2025 के डेटा के आधार पर हुए इस आकलन में मंत्रालयों को उनके द्वारा किए गए सुधारों, जन शिकायतों के निवारण और फाइल प्रबंधन जैसे मानदंडों पर परखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित मंत्रालयों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:

मंत्रालयशानदार प्रदर्शन का क्षेत्र
उपभोक्ता मामले मंत्रालयजन शिकायत निवारण और वैश्विक संकट प्रबंधन (पश्चिम एशिया)
कोयला मंत्रालयफाइलों का त्वरित निपटान और उत्कृष्ट विभागीय प्रबंधन
ऊर्जा मंत्रालयऊर्जा सुरक्षा और लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति
स्वास्थ्य मंत्रालयस्वास्थ्य सुविधाओं और नीतिगत मोर्चे पर शानदार काम

कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने सभी मंत्रालयों का स्कोरकार्ड पेश करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रणाली का उद्देश्य मंत्रालयों को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पीएम मोदी के सख्त निर्देश: 'वीआईपी कल्चर' को अलविदा

चार घंटे से अधिक चली इस उच्च-स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के लिए आचरण और खर्च को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मोदी 3.0 की दूसरी वर्षगांठ के मद्देनजर सरकार की दिशा और कार्यशैली को और अधिक मितव्ययी बनाने पर जोर दिया गया है। मुख्य निर्देश निम्नलिखित हैं:

विदेशी दौरों पर पाबंदी: जब तक देश के भविष्य या कूटनीतिक दृष्टिकोण से अनिवार्य न हो, मंत्रियों की विदेशी यात्राओं पर रोक रहेगी।

काफिलों में कटौती: मंत्रियों को अपने बड़े काफिलों को छोटा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि 'वीआईपी कल्चर' की छवि को खत्म किया जा सके।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों पर रोक: फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय समिट्स को फिलहाल टाल दिया गया है।

ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस: पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बायोगैस और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर प्राथमिकता दी गई है।

आम जनता के लिए क्या बदलेगा?

इस रिपोर्ट कार्ड प्रणाली का सीधा लाभ आम नागरिक को मिलने की उम्मीद है। जब फाइलों के निपटारे और जन शिकायतों के समाधान के आधार पर मंत्रियों और नौकरशाही का मूल्यांकन होगा, तो सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी कम होगी। अनावश्यक खर्चों में कटौती से बचा हुआ सरकारी धन सीधे बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में निवेश किया जा सकेगा, जिससे शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी।