अक्षय तृतीया पर बनेगा दुर्लभ 'मालव्य' और 'गजकेसरी' योग, इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा
India News Live,Digital Desk : हिंदू कैलेंडर में अक्षय तृतीया का दिन अपने आप में एक सिद्ध मुहूर्त माना जाता है, लेकिन वर्ष 2026 की अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) ज्योतिषीय दृष्टि से और भी खास होने जा रही है। इस दिन ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसा दुर्लभ संयोग बना रही है जो सदियों में एक बार आता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होंगे, साथ ही मालव्य और गजकेसरी जैसे राजयोगों का निर्माण होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, यह महासंयोग 4 भाग्यशाली राशियों के लिए धन के द्वार खोलने वाला साबित होगा।
दुर्लभ राजयोगों का महासंगम
19 अप्रैल 2026 को वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन शुक्र का वृषभ राशि में गोचर 'मालव्य राजयोग' बनाएगा, जो सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य में वृद्धि करता है। वहीं, चंद्रमा के अपनी उच्च राशि में होने और गुरु के शुभ प्रभाव से 'गजकेसरी योग' का निर्माण होगा। इन योगों के प्रभाव से अक्षय तृतीया पर किए गए निवेश और खरीदारी का फल कई गुना बढ़कर मिलेगा।
इन 4 राशियों की पलटेगी किस्मत
1. मेष राशि (Aries): करियर में बड़ी छलांग
मेष राशि के जातकों के लिए अक्षय तृतीया किसी वरदान से कम नहीं है। करियर के मोर्चे पर आपको ऐसे अवसर मिलेंगे जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की थी। आपकी मेहनत और समर्पण का फल प्रमोशन या वेतन वृद्धि के रूप में मिल सकता है। आर्थिक निवेश के लिए यह दिन सर्वोत्तम है।
2. सिंह राशि (Leo): संपत्ति और सम्मान का लाभ
सिंह राशि वालों के लिए निवेश करना इस दिन सबसे अधिक लाभदायक रहेगा। यदि कोई पैतृक संपत्ति या जमीन-जायदाद से जुड़ा मामला कोर्ट-कचहरी में अटका है, तो वह आपके पक्ष में सुलझ सकता है। आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है।
3. वृश्चिक राशि (Scorpio): रुका हुआ धन होगा वापस
वृश्चिक राशि के जातकों का भाग्य इस अक्षय तृतीया पर सातवें आसमान पर रहेगा। अगर आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ है, तो इस दिन वह वापस मिल सकता है। जो प्रोजेक्ट्स महीनों से रुके हुए थे, वे अब बिना किसी बाधा के गति पकड़ेंगे। भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपके सभी अटके काम पूरे होंगे।
4. धनु राशि (Sagittarius): नया घर और सुख-साधन
धनु राशि के जातकों के लिए 19 अप्रैल का दिन खरीदारी के लिए सबसे शुभ है। आय के नए स्रोत बनेंगे जिससे आपकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी। यदि आप नया घर, फ्लैट या कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह मुहूर्त आपके लिए सफलता और समृद्धि लेकर आएगा।
अक्षय तृतीया का आध्यात्मिक महत्व
अक्षय तृतीया को 'अबूझ मुहूर्त' कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन शादी, सगाई या गृह प्रवेश जैसे कार्यों के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती। इसी पावन दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते हैं और वृंदावन में बांके बिहारी जी के चरणों के दर्शन साल में केवल एक बार होते हैं। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ 'जौ' और 'मिट्टी के घड़े' का दान करने से पुण्य कभी समाप्त नहीं होता।