अधिकमास अमावस्या और मिथुन संक्रांति का दुर्लभ संयोग: इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या करें दान

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India News Live,Digital Desk : जून 2026 में ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है। इस साल ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या और सूर्य का मिथुन राशि में गोचर (मिथुन संक्रांति) एक ही दिन पड़ रहे हैं। 15 जून 2026, सोमवार के दिन पड़ने वाली यह अमावस्या 'सोमवती अमावस्या' कहलाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य और पितृ तर्पण का फल कई गुना बढ़ जाता है। वहीं, सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश कई राशियों के लिए करियर और व्यापार में उन्नति के द्वार खोलेगा।

दुर्लभ संयोग: सोमवती अमावस्या और मिथुन संक्रांति

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 14 जून 2026 की दोपहर 12 बजे से शुरू होकर 15 जून 2026 की सुबह 8:23 बजे तक रहेगी। मुख्य पुण्य काल सूर्योदय के समय होने के कारण, दान, स्नान और धार्मिक अनुष्ठान 15 जून को किए जाएंगे। सोमवार को पड़ने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। इसी दिन सूर्य देव वृष राशि से निकलकर बुध के स्वामित्व वाली मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे 'मिथुन संक्रांति' कहा जाता है।

मिथुन संक्रांति से इन 3 राशियों को होगा विशेष लाभ

सूर्य का मिथुन राशि में जाना बुध और सूर्य के मिलन का संकेत है, जो वाणी, संचार और व्यापार के लिए बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस गोचर से मुख्य रूप से इन राशियों को लाभ होगा:

मिथुन राशि (Gemini): मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर में नई पहचान और सफलता लेकर आएगा। आपकी व्यावसायिक कौशल (Professional Skills) में निखार आएगा और पार्टनरशिप से जुड़े मामलों में लाभ के प्रबल योग हैं। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।

सिंह राशि (Leo): सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह संक्रांति आपके लिए राजयोग के समान है। कार्यस्थल पर आपको अधिकारियों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। समाज में आपकी पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और प्रोफेशनल लाइफ में बड़ी उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं।

कर्क राशि (Cancer): कर्क राशि के जातकों के लिए भी यह समय उत्तम रहने वाला है। बुध और सूर्य के प्रभाव से आपको व्यापार में नए प्रोजेक्ट्स हासिल करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से अटके हुए कार्य इस अवधि में पूरे हो सकते हैं।

दान-पुण्य का महात्म्य

अधिकमास की अमावस्या के दिन किए गए दान का विशेष फल मिलता है। इस दिन निम्नलिखित वस्तुओं का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है:

शीतल वस्तुएं: गर्मी का मौसम होने के कारण पानी के मटके, पंखे और शर्बत का दान करना राहत प्रदान करता है।

खाद्य सामग्री: आम जैसे मौसमी फलों और अनाज का दान करना समृद्धि लाता है।

अन्य सामग्री: छाता, चप्पल, वस्त्र, दीपदान और धार्मिक पुस्तकों का दान करना भी इस दिन विशेष फलदायी होता है।

इस दुर्लभ संयोग के दिन सात्विक रहें और पितरों के निमित्त तर्पण कर आशीर्वाद प्राप्त करें।