राज्यसभा में राघव चड्ढा को मिली बड़ी जिम्मेदारी: 'याचिका समिति' के बने अध्यक्ष

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India News Live,Digital Desk : आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने 20 मई 2026 से प्रभावी 'याचिका समिति' (Committee on Petitions) का पुनर्गठन किया है, और राघव चड्ढा को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

याचिका समिति का पुनर्गठन

राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस पैनल में कुल 10 सदस्यों को नामित किया गया है। समिति के प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:

राघव चड्ढा (अध्यक्ष)

हर्ष महाजन

गुलाम अली

शंभू शरण पटेल

मयंककुमार नायक

मस्तान राव यादव बीधा

जेबी माथेर हिशाम

सुभाशीष खुंटिया

रंगव्रा नारजारी

संदोश कुमार पी

इसके अतिरिक्त, राज्यसभा के सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को 'कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' पर गठित संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया गया है।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

राघव चड्ढा का यह कदम उस बड़ी राजनीतिक हलचल के बाद आया है जब आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। इस फेरबदल के बाद उच्च सदन में 'आप' के सदस्यों की संख्या 10 से घटकर 3 रह गई है। हालांकि, दल-बदल के बाद 'आप' ने इन सदस्यों को बर्खास्त करने की मांग की थी, लेकिन संसदीय प्रक्रियाओं के तहत नई नियुक्तियां अब चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

डीपफेक और सोशल मीडिया सामग्री पर कानूनी लड़ाई

नियुक्ति के साथ-साथ राघव चड्ढा अपनी छवि को लेकर भी सक्रिय हैं। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने खिलाफ प्रसारित किए जा रहे कथित फर्जी, एआई-जनरेटेड और डीपफेक कंटेंट को ब्लॉक करने की मांग की है।

याचिका में दावा किया गया है कि डिजिटल माध्यमों पर दुर्भावनापूर्ण सामग्री से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की बेंच ने कहा कि राजनीतिक निर्णयों की आलोचना और व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन में अंतर होता है। अदालत ने इस मामले में अपना फैसला फिलहाल सुरक्षित रख लिया है।