बंगाल में शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला: बकरीद की छुट्टियों में कटौती और नई भर्ती नीति का ऐलान

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के निर्णयों में बदलाव कर रही है। इसी कड़ी में अब सरकार ने बकरीद की छुट्टियों को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है।

बकरीद की छुट्टियों में बदलाव

राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, बकरीद (ईद-उल-अजहा) के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश अब केवल 28 मई को ही रहेगा। गौरतलब है कि ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में इन छुट्टियों के लिए 26 और 27 मई, यानी दो दिन का अवकाश घोषित था। अब नई व्यवस्था के तहत 26 और 27 मई को राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और अन्य प्रतिष्ठान खुले रहेंगे और सामान्य रूप से कामकाज होगा।

भर्ती नीति में पारदर्शिता पर जोर

छुट्टियों के बदलाव के साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की पुरानी भर्ती प्रक्रियाओं पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पिछली टीएमसी सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भर्ती घोटालों को राज्य की साख के लिए नुकसानदेह बताया है।

सरकार की आगामी योजनाएं:

नई भर्ती नीति: विधानसभा के अगले बजट सत्र में नई भर्ती नीति के लिए एक विधेयक पेश किया जाएगा।

ओएमआर (OMR) कार्बन कॉपी: मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि भविष्य की परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को ओएमआर उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी परीक्षा के तुरंत बाद उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

साक्षात्कार में सुधार: मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा प्रणाली में साक्षात्कार (इंटरव्यू) को अत्यधिक अंक दिए जाते हैं, जिसे बदलकर न्यूनतम अंक तक सीमित किया जाएगा।

रोस्टर प्रणाली का पालन: पिछली सरकार पर संवैधानिक '100 बिंदु रोस्टर' (आरक्षण प्रणाली) की अनदेखी का आरोप लगाते हुए, सीएम ने कहा कि अब इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा ताकि ओबीसी, एससी/एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।

पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता पर चिंता

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पिछली सरकार के दौरान भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण रेलवे जैसे बड़े संस्थानों ने पश्चिम बंगाल में परीक्षाएं आयोजित करना बंद कर दिया था, जिसके चलते राज्य के युवाओं को परीक्षा देने के लिए बिहार, असम और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। शुभेंदु अधिकारी ने इन स्थितियों को सुधारने और राज्य के युवाओं का भरोसा बहाल करने का संकल्प लिया है।