राहुल गांधी के आरोपों पर जनता का फैसला – जानें किसके पक्ष में झुका भरोसा
India News Live,Digital Desk : हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर, खासकर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर, गंभीर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। इस पूरे मामले पर जनता की राय जानने के लिए वोट वाइब और सी वोटर ने एक सर्वे किया, जिसके नतीजे बताते हैं कि एक बड़ा वर्ग अभी भी चुनाव आयोग की साफ-सफाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों के बाद, 'वोट वाइब' द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के अनुसार, केवल 34% लोगों ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया, जबकि 28% लोगों का मानना था कि चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। अन्य 18% लोगों ने कहा कि कुछ सवालों के जवाब मिल गए हैं, लेकिन कुछ अभी भी लंबित हैं। 'सी वोटर' के एक अन्य सर्वेक्षण में, 59% लोग राहुल गांधी के आरोपों से सहमत थे, जबकि केवल 34% लोग चुनाव आयोग के पक्ष में थे। ये आँकड़े बताते हैं कि जनता का एक बड़ा वर्ग अभी भी चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर संदेह में है।
वोट वाइब सर्वेक्षण के परिणाम
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 'वोट वाइब' की ओर से एक सर्वे किया गया। इस सर्वे में 34% लोगों ने चुनाव आयोग का समर्थन किया और विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया। वहीं, 28% लोगों ने साफ कहा कि चुनाव आयोग विपक्ष के सवालों का संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रहा है। इसके अलावा, 18% लोगों ने बीच का रास्ता अपनाते हुए कहा कि कुछ सवालों के जवाब तो मिल गए हैं, लेकिन कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। जबकि 20% लोगों ने कोई खास राय नहीं दी। ये आंकड़े बताते हैं कि 46% से ज़्यादा लोग चुनाव आयोग के जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
समुद्री जल सर्वेक्षण में आश्चर्यजनक निष्कर्ष
इसी मुद्दे पर 'सी वोटर' द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में और भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण के अनुसार, 59% लोग चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों से सहमत हैं। वहीं, केवल 34% लोगों ने चुनाव आयोग का पक्ष लिया है। इसके अलावा, 67% लोगों का मानना है कि चुनाव आयोग को राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का स्पष्ट और सटीक जवाब देना चाहिए। ये निष्कर्ष बताते हैं कि जनता का एक बड़ा वर्ग चुनाव आयोग से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की उम्मीद करता है।