यूपी कैबिनेट विस्तार के बाद अब भाजपा संगठन में महाफेरबदल की तैयारी

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद, अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने प्रादेशिक संगठन को पूरी तरह नया रूप देने की तैयारियों में युद्धस्तर पर जुट गई है। यूपी भाजपा संगठन की नई टीम के गठन को लेकर पिछले कई दिनों से लखनऊ में चली लंबी मैराथन बैठकों का दौर अब खत्म हो चुका है। संभावित पदाधिकारियों के नामों की अंतिम सूची तैयार कर दिल्ली आलाकमान के पास भेज दी गई है। इस सिलसिले में देश की राजधानी नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक बुलाई गई है, जिसमें नई टीम के चेहरों पर अंतिम मुहर लगनी तय मानी जा रही है।

दिल्ली दरबार में जुटे दिग्गज, एक-एक नाम पर बेहद बारीकी से मंथन

नई दिल्ली में आयोजित हो रही इस अहम संगठनात्मक बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के सामने उत्तर प्रदेश के संभावित पदाधिकारियों की सूची रखी जाएगी। इस महामंथन में हिस्सा लेने और राज्य की राजनीतिक जमीनी हकीकत का ब्यौरा देने के लिए यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह विशेष रूप से दिल्ली पहुंचे हैं। बैठक के दौरान राज्य के सभी क्षेत्रों, जिलों और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए एक-एक नाम पर बेहद बारीकी और गंभीरता से विचार-विमर्श किया जा रहा है, ताकि आगामी समय में आने वाली सभी राजनैतिक चुनौतियों का मजबूती से सामना किया जा सके।

50 से 60 फीसदी नए चेहरों की होगी एंट्री, पुराने दिग्गजों पर भी भरोसा कायम

पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों और राजनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, जिस तरह योगी मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार में कोई बहुत बड़ा आमूल-चूल फेरबदल न करते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की गई थी, ठीक उसी तर्ज पर प्रदेश भाजपा की इस नई टीम में भी पुराने और अनुभवी सारथियों पर भरोसा कायम रखा जाएगा।

इस बड़े सांगठनिक फेरबदल के तहत नई टीम में लगभग 50 से 60 प्रतिशत नए, युवा और ऊर्जावान चेहरों को शामिल कर उन्हें बड़ी सांगठनिक जिम्मेदारी सौंपने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही, पुराने सांगठनिक अनुभव को तरजीह देते हुए तकरीबन 40 से 50 फीसदी वर्तमान पदाधिकारियों को दोबारा उनकी पुरानी भूमिकाओं में रिपीट होने या पदोन्नति का मौका मिल सकता है।

आगामी चुनावों को साधने के लिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर

बीजेपी के इस बड़े सांगठनिक बदलाव का सबसे मुख्य और दूरगामी उद्देश्य उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जमीन को पूरी तरह से मजबूत करना है। पार्टी आलाकमान इस नई टीम के जरिए राज्य के जटिल सामाजिक ताने-बाने को पूरी तरह अपने पक्ष में साधने की कोशिश में है।

रणनीति के मुताबिक, नई टीम में ओबीसी (OBC), दलित और सवर्ण जातियों के बीच एक बेहद सटीक और अचूक संतुलन बिठाया जाएगा। इसके साथ ही, पश्चिम यूपी, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अवध जैसे राज्य के सभी भौगोलिक क्षेत्रों को संगठन में बराबर का प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इसका सीधा मकसद पार्टी के सांगठनिक ढांचे को बूथ स्तर तक बेहद आक्रामक, मजबूत और सक्रिय बनाए रखना है। दिल्ली में हो रही आज की इस निर्णायक बैठक के बाद जल्द ही यूपी बीजेपी की नई टीम का आधिकारिक तौर पर ऐलान होने की उम्मीद है।