गंगा एक्सप्रेसवे: 594 KM लंबे सफर के साथ औद्योगिक क्रांति की तैयारी, 3700 एकड़ में बनेंगे 11 विशाल इंडस्ट्रियल क्लस्टर
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की घड़ियां नजदीक आ रही हैं। 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई में इसका उद्घाटन करेंगे। लेकिन यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सफर की दूरी कम नहीं करेगा, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) एक्सप्रेसवे के किनारे 3707.19 एकड़ भूमि पर 11 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक क्लस्टर (IMLC) स्थापित कर रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: एक नजर में
यूपीडा ने इन क्लस्टरों के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा कर लिया है और अब निवेशकों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 594 किलोमीटर |
| प्रारंभिक बिंदु | बिजौली गांव, मेरठ |
| अंतिम बिंदु | जुडापुर दांदू गांव, प्रयागराज |
| लाभान्वित जिले | 12 (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) |
| कुल औद्योगिक क्लस्टर | 11 (प्रथम चरण) |
| कुल आवंटित भूमि | 3707.19 एकड़ |
कैसा होगा औद्योगिक क्लस्टर का स्वरूप?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन क्लस्टरों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यूपीडा यहाँ केवल जमीन ही नहीं, बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रहा है:
बुनियादी ढांचा: चौड़ी सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम (पानी की निकासी) और 24x7 बिजली आपूर्ति।
बिजनेस सुविधाएं: प्रशासनिक भवन, प्रदर्शनी स्थल (Exhibition Centres) और कॉमन फैसिलिटी सेंटर।
लॉजिस्टिक हब: एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी का लाभ उठाने के लिए बड़े वेयरहाउस और लॉजिस्टिक जोन।
रोजगार जोन: स्थानीय युवाओं को उनके ही जिले में रोजगार देने के लिए विशेष औद्योगिक जोन।
निवेशकों के लिए सुनहरा मौका
यूपीडा ने लोकार्पण से पहले ही बुनियादी सुविधाओं का काम तेज कर दिया है। भूमि आवंटन शुरू होने से अब कंपनियां अपने प्लांट लगाने की तैयारी कर सकेंगी। एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ते हुए पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से सीधे कनेक्ट करेगा, जिससे माल ढुलाई का समय और लागत दोनों में भारी कमी आएगी।
भविष्य की योजना: 27 नए क्लस्टर
गंगा एक्सप्रेसवे के इन 11 क्लस्टरों के अलावा, यूपीडा पूरे प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे के किनारे कुल 27 आईएमएलसी (IMLC) स्थापित कर रहा है। यूपीडा भविष्य की जरूरतों को देखते हुए और अधिक भूमि चिह्नित कर रहा है ताकि इन औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया जा सके।