PM Modi's 5 masterstrokes amid the Iran war : होर्मुज की नाकेबंदी टूटी, पेट्रोल-डीजल पर बड़ा फैसला; भारत की धाक से दुनिया दंग!

Post

India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और गहराते ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दुनिया को अपनी कूटनीतिक शक्ति का लोहा मनवाया है। जहां पड़ोसी देश महंगाई और तेल की किल्लत से कराह रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 त्वरित और साहसी निर्णयों ने भारत को एक 'सुरक्षित द्वीप' की तरह खड़ा कर दिया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के त्रिकोणीय संघर्ष के बावजूद भारत ने न केवल अपनी तेल आपूर्ति सुनिश्चित की है, बल्कि 'होर्मुज जलडमरूमध्य' जैसे खतरनाक युद्ध क्षेत्र में भी अपने हितों की रक्षा की है।

1. पेट्रोल-डीजल पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती

युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन घरेलू बाजार में आग लगने से रोकने के लिए मोदी सरकार ने शुक्रवार को ऐतिहासिक कदम उठाया। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये की बड़ी कटौती कर दी है। अब पेट्रोल पर प्रभावी ड्यूटी मात्र 3 रुपये रह गई है, जबकि डीजल पर इसे 'शून्य' कर दिया गया है। यह फैसला पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) और जमाखोरी को रोकने के लिए रामबाण साबित होगा।

2. 'मिशन टीम इंडिया': मुख्यमंत्रियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग

संकट की इस घड़ी में पीएम मोदी ने 'टीम इंडिया' की भावना को जागृत किया है। कोविड काल के बाद पहली बार प्रधानमंत्री सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ सीधा संवाद कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य देश में ईंधन और एलपीजी की कालाबाजारी को रोकना और युद्ध से जुड़ी अफवाहों पर लगाम लगाना है। चुनावी राज्यों (बंगाल, केरल, असम आदि) के लिए कैबिनेट सचिव को कमान सौंपी गई है ताकि आचार संहिता के बीच भी समन्वय बना रहे।

3. समंदर में भारतीय नौसेना की दहाड़: तैनात हुए युद्धपोत

भारत दुनिया का संभवतः इकलौता देश बन गया है जिसने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अपने व्यापारिक जहाजों (Merchant Ships) की सुरक्षा के लिए नौसैनिक युद्धपोत तैनात किए हैं। जहां अमेरिका के बुलावे पर भी कई देश पीछे हट गए, वहां भारतीय नौसेना के जांबाज हमारे तेल और एलपीजी टैंकरों को सुरक्षित 'एस्कॉर्ट' कर भारतीय जलक्षेत्र तक ला रहे हैं।

4. ऊर्जा के नए ठिकाने: 27 से बढ़कर 41 हुए सप्लायर देश

पीएम मोदी ने संसद में भारत की नई ऊर्जा रणनीति का खुलासा किया। भारत अब केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है। पहले हम केवल 27 देशों से ऊर्जा आयात करते थे, लेकिन अब यह दायरा बढ़कर 41 देशों तक पहुंच गया है। आज भारत रूस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना जैसे देशों से भारी मात्रा में एलपीजी और तेल का आयात कर रहा है, जिससे मध्य पूर्व के युद्ध का असर भारतीय रसोई पर न्यूनतम हो गया है।

5. आक्रामक कूटनीति: ईरान और अमेरिका दोनों से 'दोस्ती' का दम

भारत की कूटनीति का सबसे बड़ा चमत्कार तब दिखा जब ईरान ने खुद झुकते हुए भारत समेत 5 देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता पूरी तरह खोलने का ऐलान किया। पीएम मोदी लगातार ईरान के राष्ट्रपति, डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू के संपर्क में हैं। इसी 'पर्सनल केमिस्ट्री' का नतीजा है कि युद्धग्रस्त खाड़ी देशों में फंसे 3 लाख भारतीय सुरक्षित अपने वतन लौट आए हैं।