सावधान! लॉकडाउन की अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान, हरदीप पुरी ने बताया युद्ध के बीच क्या है भारत का 'प्लान-B'
India News Live,Digital Desk : ईरान-इजरायल युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच देश में फैली 'लॉकडाउन' की चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया पर तैर रही पाबंदियों की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे युद्ध की आड़ में फैलाई जा रही मनगढ़ंत अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक न हों।
कच्चे तेल में लगी आग, पर भारत सुरक्षित
हरदीप पुरी ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में आए भूचाल का ब्यौरा देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 70 डॉलर से उछलकर 122 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। जहां दुनिया भर में हाहाकार मचा है, वहीं भारत ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है। मंत्री ने बताया कि दक्षिण-पूर्व एशिया में ईंधन की कीमतें 50% तक बढ़ गई हैं और यूरोप-अमेरिका भी इससे अछूते नहीं हैं, लेकिन मोदी सरकार ने अपने वित्त पर बोझ उठाकर आम आदमी को इस झटके से बचाने का फैसला किया है।
लॉकडाउन की अफवाहें 'राष्ट्रविरोधी' हरकत
केंद्रीय मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि संकट के इस समय में संयम और एकजुटता जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया, "लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह झूठी और निराधार हैं। ऐसी अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और समाज के लिए हानिकारक है।" सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं, ईंधन और ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह दुरुस्त है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
PM मोदी की सीधी नजर, हर चुनौती का जवाब तैयार
इसी बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी देश को आश्वस्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस पूरी स्थिति की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है। भारत सरकार ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का असर भारत के मध्यम वर्ग और गरीब जनता पर न पड़े।
जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि युद्ध के कारण सप्लाई चेन में आने वाली किसी भी संभावित बाधा से निपटने के लिए 'प्लान-बी' तैयार है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस जैसी अनिवार्य सेवाओं की होम डिलीवरी और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को कोई असुविधा न हो।