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May 04 2026 04:48 pm

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, OPEC के फैसले से पेट्रोल-डीजल हो सकता है सस्ता

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India News Live, Digital Desk: वैश्विक ऊर्जा बाजार से भारतीय उपभोक्ताओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं पहला, ओपेक (OPEC) देशों द्वारा तेल उत्पादन बढ़ाने का संकेत और दूसरा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का हॉर्मुज की खाड़ी को लेकर लिया गया बड़ा फैसला। इन परिस्थितियों ने वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ने की उम्मीद जगा दी है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है।

ट्रम्प का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और हॉर्मुज की खाड़ी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत हॉर्मुज की खाड़ी में मालवाहक जहाजों को 'फ्री पास' यानी सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि तेल की वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी देश (विशेषकर ईरान) की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हॉर्मुज की खाड़ी से होने वाली सुरक्षित आवाजाही की गारंटी मिलने से मार्केट में अनिश्चितता कम हुई है, जिससे तेल की कीमतों पर बना 'रिस्क प्रीमियम' घट गया है और दाम नीचे आ गए हैं।

OPEC+ का बड़ा फैसला: बाजार में आएगा ज्यादा तेल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक दबाव के बीच तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC+) ने अपने उत्पादन को धीरे-धीरे बढ़ाने का मन बना लिया है। लंबे समय से उत्पादन में कटौती कर रहे इन देशों के इस फैसले से बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मांग की तुलना में सप्लाई बढ़ने से ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) की कीमतों में 5% से 8% तक की और गिरावट देखी जा सकती है।

भारत पर क्या होगा असर? 

भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी बूस्टर डोज से कम नहीं है।

पेट्रोल-डीजल के दाम: यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर स्थिर रहती हैं या और गिरती हैं, तो सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 से 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर सकती हैं।

महंगाई पर लगाम: ट्रांसपोर्टेशन सस्ता होने से फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है।

मार्केट वॉच: आज के भाव ताजा आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का भाव लुढ़ककर $XX प्रति बैरल के पास आ गया है, जो पिछले कुछ महीनों का निचला स्तर है। हालांकि, बाजार के जानकार अभी भी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थितियां काफी संवेदनशील हैं। फिलहाल, ट्रम्प की सख्त नीति और ओपेक के नरम रुख ने वैश्विक बाजारों को हरा निशान दिखाया है।