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July 30 2026 02:39 pm

Parama Ekadashi 2026: आज शाम इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक, बरसेगी श्रीहरि की कृपा और दूर होगा शनि दोष

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Parama Ekadashi 2026: आज साल 2026 की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक 'परमा एकादशी' का बेहद शुभ महासंयोग बना है। खास बात यह है कि इस दिन शनि जयंती का पर्व भी मनाया जा रहा है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज सूर्यास्त के बाद यानी शाम का समय बेहद चमत्कारी माना जा रहा है। अगर आप आज शाम को कुछ विशेष स्थानों पर दीपदान करते हैं, तो आपके जीवन से दरिद्रता, गृह क्लेश और शनि का अशुभ प्रभाव हमेशा के लिए खत्म हो सकता है। आइए जानते हैं कि आज शाम आपको किन 4 जगहों पर दीपक जरूर जलाना चाहिए और इसकी सही विधि क्या है।

घर का ईशान कोण चमकाएगा भाग्य

आज परमा एकादशी की शाम को अपने घर के पूजा स्थल या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में गाय के घी का एक दीपक जरूर प्रज्वलित करें। हिंदू धर्म में ईशान कोण को देवताओं का निवास स्थान माना गया है। इस दिशा में दीपक जलाने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है और कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती।

पीपल के पेड़ के नीचे दीपदान से टलेंगे संकट

परमा एकादशी और शनि जयंती के इस दुर्लभ संयोग पर शाम के समय किसी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद फलदायी रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, पीपल के वृक्ष में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के साथ-साथ शनि देव का भी वास होता है। आज यहां दीपदान करने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन के बड़े से बड़े संकट आसानी से टल जाते हैं।

मुख्य द्वार पर दीपक जलाते समय रखें दिशा का ध्यान

शाम के समय अपने घर के मुख्य दरवाजे की चौखट पर दीपदान करना न भूलें। जब आप घर से बाहर निकल रहे हों, तो चौखट के दाईं ओर एक दीपक जलाएं। ध्यान रखें कि इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए। दक्षिण दिशा पितरों और यम की मानी जाती है। यहां दीपक जलाने से पितृ दोष का प्रभाव कम होता है और घर में कोई भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है।

विष्णु मंदिर में करें विशेष दीपदान

यदि संभव हो तो आज परमा एकादशी की शाम को अपने नजदीकी किसी विष्णु मंदिर या कृष्ण मंदिर में जाएं। वहां भगवान के चरणों के समीप एक शुद्ध घी का दीपक जलाकर दीपदान करें। ऐसा करने से अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

दीपक जलाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां

शास्त्रों के अनुसार, दीपदान करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है:

आसन जरूर दें: कभी भी जलते हुए दीपक को सीधे ठंडी जमीन पर न रखें। दीपक रखने से पहले जमीन पर थोड़े से काले तिल, अक्षत (चावल) या फूलों की पंखुड़ियां रखें, फिर उसके ऊपर दीपक स्थापित करें।

बत्ती का चुनाव: आज के दिन पूजा के लिए गाय का घी या तिल के तेल का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा होता है। दीपक में बत्ती के लिए लाल कलावा (मौली) या सूती धागे का उपयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है।

पितरों के लिए विशेष उपाय: अगर आप पितरों की प्रसन्नता और शनि दोष से मुक्ति के लिए मुख्य द्वार या पीपल के नीचे दीपक जला रहे हैं, तो उस तेल में थोड़ी सी काली उड़द की दाल या काले तिल जरूर डाल दें।