संसद में हनुमान बेनीवाल का हंगामा: बोलने के लिए 3 मिनट मिलने पर भड़के सांसद, पीठासीन सभापति से बोले- 'आप 1 दिन के CM थे...'
संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में उस वक्त दिलचस्प और हंगामेदार स्थिति पैदा हो गई, जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल को बोलने के लिए केवल 3 मिनट का समय दिए जाने पर गुस्सा आ गया। नागौर से सांसद बेनीवाल ने सदन में कम समय मिलने पर नाराजगी जताते हुए बॉलीवुड फिल्म 'नायक' का जिक्र किया और पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल के एक दिन के मुख्यमंत्री कार्यकाल की याद दिलाई।
'हम जंतर-मंतर रील्स बनाने नहीं गए थे'
बुधवार को सदन में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा चल रही थी। जब पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने हनुमान बेनीवाल का नाम पुकारते हुए उन्हें अपनी बात रखने के लिए 3 मिनट का समय दिया, तो वे भड़क गए। उन्होंने मंच पर बोलने से इंकार करते हुए कहा, "तीन मिनट नहीं बोलेंगे हम।"
सभापति द्वारा समझाने और अपनी बात शुरू करने का अनुरोध करने पर बेनीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि यह समय कांग्रेस को दे दिया जाए (चूंकि उनके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलना था)। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने आगे कहा:
"सर सुनिए मेरी बात, हम 12-12 बजे तक बैठकर काम पूरा करते हैं और आप हमें 3-5 मिनट दे रहे हैं। हम जंतर-मंतर रील्स बनाने नहीं गए थे... तमाम जगहों पर लड़ाई लड़ी है। जो नेता सड़क से लेकर सदन तक लड़ता है, आपको उसे समय देना चाहिए। हम आपसे उम्मीद करते हैं कि जब आप 1 दिन के मुख्यमंत्री रहे थे, तो उत्तर प्रदेश में अच्छी व्यवस्था की थी। वो फिल्म आई थी 'नायक'..."
राहुल गांधी के भाषण पर भी हुआ बवाल
सदन में हंगामे का यह दौर यहीं नहीं रुका। हनुमान बेनीवाल के बाद जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलने आए, तो उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगा दिए। इस पर सत्ता पक्ष (BJP) ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके चलते सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही को दोपहर बाद तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल लोकसभा में 'प्रश्नपत्र लीक रोकने से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक' पर हो रही चर्चा से देश का ध्यान भटकाने के लिए बेवजह के मुद्दे उठा रहे हैं और इसे राजनीतिक रंग दे रहे हैं।