हमारी आखिरी जीत 2011 में हुई थी… BCCI के 'नए प्लान' में कोहली-रोहित का क्या होगा रोल? क्रिकबज और पीटीआई की चौंकाने वाली रिपोर्ट्स
India News Live,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इस समय 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले क्रिकेट विश्व कप (Cricket World Cup) की तैयारियों में जुट गया है, और इस कवायद में सबसे अहम पड़ाव है दो दिग्गज खिलाड़ियों - विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) - के भविष्य को लेकर 'ईमानदारी से बातचीत' (Honest Conversation)। पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह संभावना बहुत कम है कि ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी 2027 विश्व कप के लिए भारतीय टीम (Indian Cricket Team) की योजनाओं का हिस्सा होंगे। इस मसले पर BCCI की योजनाएं और 'निर्णयकर्ता' (Decision Makers) अब कोहली और रोहित के भविष्य पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
2027 के विश्व कप की राह: कोहली और रोहित के लिए क्यों है मुश्किल?
पिछले साल, भारत के टी20 विश्व कप (T20 World Cup) जीतने के तुरंत बाद, विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (T20 Retirement) की घोषणा की थी। उस समय, इसे उनके टेस्ट (Test Cricket) और वनडे (ODI Cricket) करियर को आगे बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा गया था। कुछ महीने पहले, जब दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास (Test Retirement) की घोषणा की, तो यह अनुमान लगाया गया कि उन्होंने 2027 विश्व कप के लिए वनडे फॉर्मेट में फिट और पूरी तरह से तैयार रहने का निर्णय लिया है।
हालांकि, अब जो संकेत मिल रहे हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 विश्व कप के लिए टीम इंडिया की राह इन दोनों दिग्गजों के लिए उम्मीद से ज्यादा मुश्किल नजर आ रही है। भारतीय टीम टेस्ट प्रारूप में जिस तेजी से बदलाव (Evolution) कर रही है, वैसा ही कुछ वनडे प्रारूप में भी देखने को मिल सकता है। युवा खिलाड़ी (Young Players) लगातार सामने आ रहे हैं, जो न केवल बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि टीम में नए सिरे से जोश और ऊर्जा का संचार भी कर रहे हैं। इस बदलते परिदृश्य में, कोहली और रोहित के विश्व कप खेलने की संभावना कम होती दिख रही है।
2023 विश्व कप का छूटा मौका: टूटे सपने और नई राहें
2023 का वनडे विश्व कप विराट कोहली के लिए दूसरी बार और रोहित शर्मा के लिए पहला वनडे विश्व कप जीतने का एक सुनहरा अवसर था। लेकिन, अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया (Australia) के हाथों फाइनल (Final Loss) में मिली निराशाजनक हार ने भारतीय क्रिकेट के इन दो सबसे बड़े दिग्गजों के सपनों पर पानी फेर दिया। यह हार शायद भविष्य की योजनाओं को लेकर BCCI के निर्णयकर्ताओं (BCCI Decision Makers) के मन में कुछ सवालों को जन्म दे गई।
कोहली का अगला लक्ष्य विश्व कप, रोहित की फिटनेस पर पूरा जोर!
क्रिकबज (Cricbuzz) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, रोहित शर्मा आगामी विश्व कप के लिए फिट और तैयार रहने हेतु हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वहीं, कोहली ने आईपीएल 2025 (IPL 2025) से पहले आरसीबी (RCB) के एक कार्यक्रम में यह स्पष्ट कर दिया था कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य विश्व कप जीतना ही है।
BCCI की मंशा: 'ईमानदार बातचीत' और 'स्पष्ट योजना' की जरूरत
लेकिन, BCCI की अपनी योजनाएं हैं, और उन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य (Future of Indian Cricket) के लिए दीर्घकालिक रणनीति (Long-term Strategy) बनानी होगी। एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, "हाँ, इस पर जल्द ही चर्चा होगी। अगले विश्व कप (नवंबर 2027) में अभी दो साल से ज़्यादा का समय है। तब तक कोहली और रोहित दोनों 40 साल के हो जाएंगे। इसलिए, इस बड़े आयोजन के लिए एक स्पष्ट योजना (Clear Plan) होनी चाहिए, क्योंकि हमारी आखिरी जीत 2011 में हुई थी। हमें समय रहते कुछ युवाओं को आजमाना होगा।" यह बयान सीधे तौर पर यह संकेत देता है कि BCCI भविष्य की ओर देख रहा है और युवा खिलाड़ियों (Young Talent) को तैयार करना उनकी प्राथमिकता है।
अगले दो साल: कोहली-रोहित के लिए वनडे क्रिकेट का सीमित रोडमैप
2026 के अंत तक, टीम इंडिया टेस्ट और टी20 सीरीज के बीच केवल 27 वनडे मैच खेलेगी। यह संख्या खिलाड़ियों को अपनी फॉर्म और फिटनेस साबित करने के लिए सीमित अवसर प्रदान करती है।
'कोई दबाव नहीं, पर 'ईमानदार चर्चा' होगी': BCCI की मंशा
सूत्रों का यह भी कहना है कि कोहली और रोहित दोनों ने टीम इंडिया और खेल के लिए सफेद गेंद वाले क्रिकेट (White-ball Cricket) में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने क्रिकेट के हर छोटे-बड़े लक्ष्य को हासिल किया है। इसलिए, BCCI उन पर कोई दबाव (Pressure) बनाने का इरादा नहीं रखता। हालांकि, अगले वनडे चक्र के शुरू होने से पहले 'ईमानदार और पेशेवर बातचीत' (Honest and Professional Conversation) निश्चित रूप से होगी। इसका उद्देश्य यह समझना है कि वे मानसिक (Mentally) और शारीरिक (Physically) रूप से कहां खड़े हैं और भविष्य के लिए उनकी क्या मंशा है। अंततः, यह पूरी तरह से खिलाड़ियों की तैयारी और इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा।
यह महत्वपूर्ण बातचीत टीम इंडिया के भविष्य के निर्माण और एक मजबूत, युवा टीम तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।