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September 15 2026 09:26 pm

जिस विदेश नीति को कांग्रेस बताती है फेल, उमर अब्दुल्ला ने उसी की जमकर की वाहवाही

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विपक्षी दलों के 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर एक बार फिर मोदी सरकार की नीतियों को लेकर अंतर्विरोध और तीखा विरोधाभास खुलकर सामने आ गया है। जहां एक तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति को कटघरे में खड़ा करते हुए उसे कूटनीतिक मोर्चे पर विफल बताती आ रही है, वहीं गठबंधन के अहम सहयोगी और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय की कूटनीति के कसीदे पढ़े हैं।

उमर अब्दुल्ला ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के कूटनीतिक प्रभाव और सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की खुलकर तारीफ की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेता का यह रुख कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से बिल्कुल उलट है, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छिड़ गई है।

पहलगाम हमले का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिक्र भारत की विदेश नीति की बड़ी जीत: उमर अब्दुल्ला

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीतिक सफलता की सराहना की। बहुपक्षीय मंच पर पहलगाम आतंकी हमले की स्पष्ट निंदा किए जाने को उन्होंने ऐतिहासिक और देश के लिए गौरव का विषय बताया।

उमर अब्दुल्ला ने बयान देते हुए कहा:

"यह भारत सरकार और विशेष रूप से विदेश मंत्रालय के लिए अत्यंत संतोष और गौरव का विषय है। उस सम्मेलन कक्ष में पाकिस्तान के कई करीबी सहयोगी देश भी मौजूद थे। ऐसे माहौल में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा दर्ज होना और उसका स्पष्ट नाम लिया जाना ही अपने आप में हमारी विदेश नीति और कूटनीतिक प्रभाव की बहुत बड़ी सफलता को साबित करता है।"

LAC और LoC पर तनाव कम करने की पहल का स्वागत: 'सीमा पर रहने वालों को मिलेगी बड़ी राहत'

उत्तरी सीमा पर ऑपरेशनल स्थिति और सेनाओं की तैनाती को लेकर रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने भारत सरकार द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव घटाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का दिल खोलकर स्वागत किया।

उन्होंने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा:

सीमांत नागरिकों की परेशानी: LoC या LAC के पास रहने वाले आम नागरिकों की जिंदगी हमेशा भारी अनिश्चितता, गोलाबारी के खौफ और विस्थापन के साए में बीतती है।

सकारात्मक कदम: लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर दोनों पक्षों द्वारा सैनिकों की तैनाती को तर्कसंगत और कम करने की कोई भी पहल बेहद सकारात्मक विकास है।

स्थायी शांति की उम्मीद: उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैन्य गतिरोध कम करने पर संवाद आगे बढ़ा है, उसी तरह आने वाले समय में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।

कांग्रेस के रुख से एकदम उलट नेशनल कॉन्फ्रेंस का नजरिया

उमर अब्दुल्ला की यह सकारात्मक टिप्पणी उनके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के राजनीतिक स्टैंड को असहज करने वाली है।

कांग्रेस पार्टी संसद से लेकर सड़क तक लगातार आरोप लगाती रही है कि मोदी सरकार की विदेश नीति कमजोर है और चीन व पाकिस्तान के मसले पर सरकार कूटनीतिक विफलता झेल रही है। राहुल गांधी और कांग्रेस प्रवक्ता अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की रणनीति पर लगातार सवाल खड़े करते रहे हैं।

इसके विपरीत, 'इंडिया' ब्लॉक में शामिल नेशनल कॉन्फ्रेंस के शीर्ष नेता और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का खुलकर यह कहना कि 'यह विदेश नीति की बड़ी कामयाबी है', यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दों पर गठबंधन में एक राय नहीं है।

पहले भी कई मौकों पर पीएम मोदी की तारीफ कर चुके हैं उमर

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों की प्रशंसा की हो।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही उमर अब्दुल्ला ने केंद्र के साथ टकराव के बजाय सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) की राह चुनी है।

इससे पहले वे केंद्र प्रायोजित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, रेलवे नेटवर्क के विस्तार और विकास योजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण की सराहना कर चुके हैं।

राज्य के विकास और आम नागरिकों के कल्याण के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने के उनके इस व्यावहारिक रवैये की जहां प्रशासनिक स्तर पर सराहना हो रही है, वहीं विपक्षी खेमे में इसे राजनीतिक झिझक के रूप में देखा जा रहा है।

सीमा सुरक्षा और कूटनीति जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्षी गठबंधन के मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र सरकार की सराहना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय हित और सुरक्षा की बात आने पर कई बार दलीय राजनीति की दीवारें पीछे छूट जाती हैं।