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September 15 2026 09:16 pm

जेन-Z और जेन-अल्फा से बोलीं निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने की अपील

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देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण और नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में लाने के उद्देश्य से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बड़ा और प्रेरक संदेश दिया है। मंगलवार को चेन्नई स्थित डॉ. एम. जी. आर. एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने युवा स्नातकों, विशेषकर 'जेन-जी' (Gen Z) और 'जेन-अल्फा' (Gen Alpha) से अपील की कि वे अधिकारों के साथ-साथ अपने नागरिक कर्तव्यों को भी समझें।

वित्त मंत्री ने युवाओं से कहा कि वे यह सवाल पूछने के बजाय कि देश ने उनके लिए क्या किया है, यह विचार करें कि वे अपनी शिक्षा, प्रतिभा और कौशल से राष्ट्र के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। जॉन एफ. केनेडी के ऐतिहासिक कथन की याद दिलाते हुए उन्होंने युवाओं को राष्ट्रहित के साथ कभी समझौता न करने और नेतृत्व की बागडोर संभालने की प्रेरणा दी।

'आपकी बात सुनने को तैयार है देश, लेकिन जिम्मेदारी भी निभानी होगी'

समारोह में 3,200 से अधिक छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान करते हुए वित्त मंत्री ने युवा पीढ़ी की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के दौर में आज का युवा अपनी आवाज बुलंद करना जानता है।

छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

"चाहे आप खुद को जेन-जी कहें या जेन-अल्फा, हम सभी आपकी बात सुनने और आपकी आकांक्षाओं को समझने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन इसके साथ ही आपको यह भी सोचना होगा कि आपके आसपास क्या घट रहा है, समाज में आपकी क्या भूमिका है और आपके माध्यम से देश के लिए क्या हासिल किया जा सकता है।"

उन्होंने युवाओं को सीधे नेतृत्व संभालने का आह्वान करते हुए कहा, "आगे बढ़िए और लीडरशिप संभालिए। आपको नेतृत्व करना होगा और देश को हमेशा पहले रखना होगा। हमारा देश सुरक्षित और मजबूत रहेगा, तभी हमारे पास रहने के लिए एक सुरक्षित घर और भविष्य होगा। हमें अपने देश के हितों से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।"

वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत स्थिति: 7.8% की विकास दर

दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनावों का उल्लेख करते हुए निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष और मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में जारी अस्थिरता ने कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके चलते कई देशों में लोगों को विस्थापन और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।

इसके बावजूद, भारत ने अपनी व्यापक आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability) को बनाए रखा है और 7.8 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर हासिल की है। वित्त मंत्री ने इस आर्थिक लचीलेपन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और निर्णायक राजनीतिक नेतृत्व को दिया।

तमिलनाडु बना मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी का पावरहाउस

युवाओं के लिए करियर और रोजगार के अवसरों पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने तमिलनाडु की औद्योगिक प्रगति की सराहना की:

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs): उन्होंने बताया कि देश के कुल जीसीसी का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा यानी करीब 350 केंद्र अकेले तमिलनाडु में कार्यरत हैं।

टियर-2 शहरों में बूम: केवल चेन्नई ही नहीं, बल्कि कोयंबटूर में लगभग 80 जीसीसी काम कर रहे हैं, जहां 12,000 से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स जुड़े हैं। मदुरै और तिरुचिरापल्ली भी तेजी से नए तकनीकी हब बनकर उभर रहे हैं।

स्मार्टफोन व ऑटो हब: श्रीपेरंबदूर-ओरगडम औद्योगिक कॉरिडोर आज दुनिया भर में ऑटोमोबाइल विनिर्माण और स्मार्टफोन निर्यात के सबसे बड़े केंद्रों में तब्दील हो चुका है।

स्टेम (STEM) में महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल

निर्मला सीतारमण ने कार्यबल (Workforce) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने केंद्रीय बजट में किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली युवतियों के लिए देश के हर जिले में कामकाजी महिला छात्रावास (Working Women's Hostels) स्थापित कर रही है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित माहौल में अपने करियर को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

संबोधन के समापन पर वित्त मंत्री ने तमिल साहित्य के अमर ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' (Thirukkural) और महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन की विनम्रता का उदाहरण दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने जीवन में चाहे जितनी भी बड़ी सफलता या डिग्रियां हासिल कर लें, अपने स्वभाव में विनम्रता, धैर्य और जिम्मेदारी की भावना हमेशा बनाए रखें।