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May 04 2026 04:58 pm

IPL में 'नो गर्लफ्रेंड' पॉलिसी? BCCI सख्त नियम बनाने की तैयारी में, पत्नियों और परिवार पर पाबंदी नहीं

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India News Live, Digital Desk: दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग यानी आईपीएल (IPL) में अब अनुशासन को लेकर बीसीसीआई (BCCI) बड़ा कदम उठाने जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड खिलाड़ियों के साथ यात्रा करने वाले उनके करीबियों को लेकर नए और सख्त नियम लागू करने पर विचार कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि बीसीसीआई को खिलाड़ियों की पत्नियों (Wives) और परिवार के सदस्यों के टीम के साथ रहने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों की 'गर्लफ्रेंड्स' (Girlfriends) और दोस्तों की मौजूदगी को लेकर बोर्ड ने चिंता जाहिर की है। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों का ध्यान खेल पर केंद्रित रखने के लिए यह कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।

क्या है बीसीसीआई की नई प्लानिंग? 

बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, आईपीएल के दौरान टीम होटल और ट्रैवलिंग के वक्त खिलाड़ियों के साथ रहने वाले मेहमानों की एक लंबी फेहरिस्त होती है। बोर्ड का मानना है कि पत्नियों और बच्चों की मौजूदगी से खिलाड़ी को भावनात्मक सहयोग मिलता है और घर जैसा माहौल रहता है, लेकिन 'फ्रेंड्स' और 'गर्लफ्रेंड्स' के मामले में प्रोटोकॉल और लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन करना मुश्किल हो जाता है।

अनुशासन और प्राइवेसी पर फोकस इस संभावित बदलाव के पीछे मुख्य कारण खिलाड़ियों की एकाग्रता और टीम की प्राइवेसी को सुरक्षित रखना है। बोर्ड के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि कई बार बाहरी लोगों की मौजूदगी से ड्रेसिंग रूम के माहौल और टीम की रणनीतियों की गोपनीयता पर असर पड़ता है। बीसीसीआई अब फ्रेंचाइजी मालिकों के साथ मिलकर एक ऐसा 'यूनिफॉर्म प्रोटोकॉल' तैयार करना चाहता है, जिसे सभी टीमें अनिवार्य रूप से मानें।

फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया फिलहाल, अलग-अलग आईपीएल फ्रेंचाइजी की अपनी अलग नीतियां हैं। कुछ टीमें खिलाड़ियों को अपने परिवार को साथ रखने की पूरी आजादी देती हैं, जबकि कुछ ने इस पर सीमित पाबंदियां लगा रखी हैं। बीसीसीआई अब चाहता है कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक जैसा नियम लागू हो। हालांकि, कुछ सीनियर खिलाड़ियों और स्टेकहोल्डर्स का मानना है कि यह खिलाड़ियों की निजी जिंदगी में हस्तक्षेप हो सकता है, लेकिन बोर्ड के लिए 'गेम का अनुशासन' सर्वोपरि है।

क्या होगा नया नियम? 

माना जा रहा है कि अगले सीजन से खिलाड़ियों को अपने साथ आने वाले मेहमानों की जानकारी पहले से देनी होगी। पत्नियों और बच्चों के अलावा किसी भी अन्य सदस्य के लिए विशेष अनुमति (Special Permission) लेनी पड़ सकती है। इसके अलावा, होटल के बायो-बबल (अगर लागू हो) या सुरक्षा घेरे में बाहरी दोस्तों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।

मैदान पर प्रदर्शन सुधारने की कवायद अक्सर देखा गया है कि लंबी लीग के दौरान खिलाड़ी मानसिक थकान महसूस करते हैं। बीसीसीआई का तर्क है कि परिवार का साथ मानसिक शांति देता है, लेकिन अनधिकृत लोगों का साथ खिलाड़ियों को सोशल मीडिया और अन्य गतिविधियों में व्यस्त कर सकता है, जिसका सीधा असर उनके ऑन-फील्ड प्रदर्शन पर पड़ता है। अब देखना यह होगा कि बोर्ड इस प्रस्ताव को कब तक आधिकारिक रूप देता है।