No compromise with law and order: गोरखपुर में सीएम योगी के कड़े तेवर, अफसरों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
India News Live,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर के दौरे के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार रात गोरखनाथ मंदिर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम ने परियोजनाओं की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
छोटी घटनाओं पर रखें पैनी नजर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को 'प्रो-एक्टिव' मोड में रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा:
सतर्कता: किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था से समझौता न किया जाए।
माइक्रो-मॉनिटरिंग: छोटी से छोटी घटनाओं को नजरअंदाज न करें, क्योंकि अक्सर छोटी विवादित घटनाएं बाद में बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या बन जाती हैं।
सुरक्षा मानक: निर्माण परियोजनाओं के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
विकास परियोजनाओं में 'स्पीड और स्केल' पर जोर
मुख्यमंत्री ने शहर की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली:
सिक्स लेन और फ्लाईओवर: पैडलेगंज-नौसड़ सिक्स लेन मार्ग और पैडलेगंज-ट्रांसपोर्टनगर सिक्स लेन फ्लाईओवर का कार्य अंतिम चरण में है। सीएम ने इन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
गोड़धोइया नाला: शहर के जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए गोड़धोइया नाले के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।
अतिक्रमण पर प्रहार: नगर निगम को निर्देश दिया गया कि शहर से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई ढिलाई न बरती जाए और सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जाए।
मुआवजा और निवेश: प्रभावितों का रखें ख्याल
योगी आदित्यनाथ ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
त्वरित मुआवजा: विकास परियोजनाओं की जद में आने वाली भूमि या संपत्ति के मालिकों को बिना किसी देरी के मुआवजा प्रदान किया जाए।
निवेश मित्र माहौल: गीडा (GIDA) और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के क्षेत्रों में उद्यमियों के लिए सकारात्मक माहौल बनाया जाए ताकि निवेश को प्रोत्साहन मिले और युवाओं को रोजगार मिले।
मंदिर में दर्शन और पूजन
समीक्षा बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने परंपरागत रूप से गुरु श्री गोरक्षनाथ के दर्शन-पूजन किए और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। रात करीब आठ बजे वह लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए।