19,000 homebuyers in UP are in luck: योगी सरकार का बड़ा फैसला, डिफॉल्टरों के लिए OTS स्कीम को मंजूरी

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के हजारों घर खरीदारों को होली से पहले एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में 'एकमुश्त समाधान योजना' (One Time Settlement - OTS) के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। यह योजना उन लोगों के लिए 'संजीवनी' बनकर आई है, जो भारी ब्याज और जुर्माने के कारण अपने घर की किस्तें जमा नहीं कर पा रहे थे।

कैबिनेट बैठक में सुशासन और विकास से जुड़े कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें आवास विभाग का यह फैसला सबसे प्रमुख रहा।

किन्हें मिलेगा लाभ और क्या है खास?

इस योजना का सीधा फायदा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों (जैसे LDA, KDA, GDA) और आवास विकास परिषद की संपत्तियों के आवंटियों को मिलेगा।

किसे फायदा: प्रदेश के लगभग 19,000 डिफॉल्टरों को इस स्कीम का लाभ मिलेगा।

बड़ी राहत: योजना के तहत बकायेदारों से दंड ब्याज (Penalty Interest) नहीं लिया जाएगा। आवेदकों को केवल डिफॉल्ट राशि पर लगने वाला साधारण ब्याज ही देना होगा।

समय सीमा: योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने हेतु 3 महीने और बकाया राशि जमा करने के लिए भी 3 महीने का समय दिया जाएगा।

भुगतान की शर्तें: राशि के हिसाब से समय

सरकार ने बकाया धनराशि के आधार पर भुगतान की अवधि को दो भागों में बांटा है:

₹50 लाख से कम बकाया: यदि कुल बकाया राशि 50 लाख रुपये से कम है, तो आवेदक को आवेदन के बाद 4 महीने के भीतर भुगतान करना होगा।

₹50 लाख से अधिक बकाया: यदि बकाया 50 लाख रुपये से ज्यादा है, तो भुगतान के लिए अधिकतम 7 महीने (पहला महीना जोड़कर) का समय मिलेगा।

भुगतान न करने पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ओटीएस स्कीम एक अंतिम अवसर की तरह है।

प्रवर्तन कार्रवाई: यदि इस योजना के बावजूद डिफॉल्टर बकाये का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों के आवंटन निरस्त करने या जब्ती जैसी प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की जवाबदेही: आवेदन के निस्तारण में देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरेगी।

8 शहरों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग का बजट मंजूर

कैबिनेट ने पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 और मुख्यमंत्री विस्तारीकरण योजना के तहत 8 शहरों में किफायती आवास परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट स्वीकृत किया है। इन शहरों में शामिल हैं:

बरेली, वाराणसी, चित्रकूट, उरई, गाजीपुर, मऊ, प्रतापगढ़ और बांदा।

योजना के तहत किफायती आवास (AHP) और किराए के मकानों (ARH) के लिए नई नीति और दिशा-निर्देशों को भी हरी झंडी मिल गई है।