ईरान युद्ध का असली 'विजेता' कौन? EU अध्यक्ष ने चौंकाया न इजरायल, न अमेरिका; इस देश की हो रही चांदी
India News Live,Digital Desk : मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया को दो धड़ों में बांट दिया है। हर कोई यह आंकलन करने में जुटा है कि इस विनाशकारी युद्ध का अंत क्या होगा। लेकिन इस बीच यूरोपीय संघ (EU) के परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने एक ऐसा दावा किया है जिसने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। कोस्टा के मुताबिक, इस युद्ध में न इजरायल जीत रहा है और न ही अमेरिका; इसका असली 'विजेता' कोई और ही देश बनकर उभर रहा है।
रूस है इस जंग का इकलौता 'विजेता'
मंगलवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के राजदूतों को संबोधित करते हुए एंटोनियो कोस्टा ने चेतावनी दी कि ईरान युद्ध का अब तक केवल एक ही पक्ष को सीधा लाभ हुआ है, और वह है रूस। कोस्टा ने इसके पीछे ठोस आर्थिक और रणनीतिक कारण गिनाए हैं:
तेल की कीमतों में उछाल: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा (तेल और गैस) की कीमतों में भारी आग लगी है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में से एक है, इसलिए बढ़ती कीमतों ने मॉस्को की तिजोरी भर दी है।
यूक्रेन युद्ध के लिए फंड: कोस्टा के अनुसार, ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ अपनी चल रही लड़ाई को वित्तपोषित (Fund) करने के लिए कर रहा है। रूस को वे संसाधन मिल गए हैं जिनकी उसे यूक्रेन में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए जरूरत थी।
यूक्रेन की स्थिति हुई कमजोर
एंटोनियो कोस्टा ने यह भी रेखांकित किया कि दुनिया का ध्यान और सैन्य संसाधन अब यूक्रेन से हटकर मध्य-पूर्व की ओर शिफ्ट हो गए हैं। इसका सीधा नुकसान यूक्रेन को हो रहा है। पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता और रणनीतिक फोकस बंटने से यूक्रेन की स्थिति मैदान-ए-जंग में कमजोर हुई है, जिसका फायदा रूस लगातार उठा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक संकट
कोस्टा ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे रणनीतिक समुद्री रास्तों पर गतिविधियां ठप होने से वैश्विक परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति अस्त-व्यस्त हो गई है। यह अव्यवस्था रूस के लिए रणनीतिक बढ़त साबित हो रही है, क्योंकि पश्चिमी देश अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अब रूस के साथ नरमी बरतने पर मजबूर हो सकते हैं।
ट्रंप और पुतिन की 'सीक्रेट' बातचीत?
इस बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया घोषणा से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया था कि तेल की कीमतें कम करने के लिए कुछ प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। यह बयान रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ फोन पर हुई बातचीत के तुरंत बाद आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब वैश्विक ऊर्जा संकट को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि वह अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों को कम करवा सके।
स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर कोस्टा का संदेश
ईरान के हालातों पर सहानुभूति जताते हुए कोस्टा ने कहा कि यूरोपीय संघ ईरान के संघर्षरत लोगों के साथ है। हालांकि, उन्होंने कड़ा संदेश दिया कि "स्वतंत्रता और मानवाधिकार बमों के जरिए हासिल नहीं किए जा सकते।" उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना ही इस क्षेत्र में शांति का एकमात्र रास्ता है, अन्यथा यह तनाव यूरोप और पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा।