UP Teacher Transfer: यूपी शिक्षक दंपत्तियों के तबादले पर आया नया आदेश, अब बिना आवेदन नहीं होगा पति-पत्नी का ट्रांसफर
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद (UP Basic Education Department) के तहत संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक दंपत्तियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। शासन ने अंतर्जनपदीय तबादलों (Inter-district Transfers) के तहत 'दंपत्ति नीति' (Spouse Policy) में आंशिक संशोधन करते हुए एक नया और स्पष्ट आदेश जारी किया है।
नए आदेश के अनुसार, यदि पति और पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक हैं, तो अब केवल उसी का तबादला किया जाएगा जिसने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया होगा। आवेदन न करने वाले साथी का ट्रांसफर जबरन नहीं किया जाएगा।
क्या है नया शासकीय आदेश?
उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव कार्यालय से जारी ताजा दिशा-निर्देशों में स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है।
विचारणीय अनुरोध: आदेश में कहा गया है कि यदि पति-पत्नी दोनों परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक हैं, तो उन दोनों में से जिसके द्वारा स्थानांतरण (Transfer) के लिए विधिवत आवेदन किया जाएगा, विभाग केवल उसी के अनुरोध पर विचार करेगा।
कोई जबरन ट्रांसफर नहीं: जिस साथी (पति या पत्नी) ने स्थानांतरण के लिए आवेदन नहीं किया है, उसे उसके वर्तमान तैनाती वाले जिले से नहीं हटाया जाएगा।
4 जून को जारी आदेश में क्या था पेच?
इससे पहले 4 जून 2026 को अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी शासनादेश के चौथे बिंदु (दंपती नीति) में एक तकनीकी पेच फंस गया था।
पुराना नियम: पहले नियम यह था कि यदि पति-पत्नी दोनों परिषदीय स्कूलों में हैं और उनमें से कोई एक भी आवेदन करता है, तो दोनों में से किसी भी एक का ट्रांसफर उस जिले में किया जा सकता है जहां शिक्षक-छात्र अनुपात (Teacher-Student Ratio) कम यानी न्यून होगा।
शिक्षकों की चिंता: इस नियम से शिक्षकों में असमंजस था कि कहीं आवेदन न करने वाले साथी का भी तबादला न कर दिया जाए। अब नए आदेश ने इस चिंता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
जनगणना (2026-27) ड्यूटी के कारण तबादलों पर हैं कड़े प्रतिबंध
शासनादेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय के 11 मार्च 2026 के एक पत्र का विशेष हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, वर्तमान में चल रहे राष्ट्रीय जनगणना (2026-27) के काम में बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
31 मार्च 2027 तक रोक: जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसलिए गृह मंत्रालय की अपेक्षा के अनुरूप जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों और शिक्षकों के स्थानांतरण 31 मार्च 2027 तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। यही कारण है कि इस बार सामान्य रूप से बंपर विकल्प मंगाकर सामूहिक अंतर्जनपदीय ट्रांसफर नहीं किए जा रहे हैं।
केवल इन विशेष और मानवीय परिस्थितियों में ही मिल रही है छूट
जनगणना के कारण लगी रोक के बीच, शासन ने केवल विशेष और गंभीर मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर ही चालू शैक्षिक सत्र 2026-27 में तबादलों की अनुमति दी है। इसके तहत केवल निम्नलिखित परिस्थितियों में ही ट्रांसफर के आवेदनों पर विचार किया जाएगा:
दिव्यांगता की स्थिति: शिक्षक-शिक्षिका स्वयं, उनके जीवनसाथी (पति/पत्नी) या उनके अविवाहित बेटा-बेटी के दिव्यांग (Differently Abled) होने की दशा में।
कैंसर से पीड़ित होना: शिक्षक-शिक्षिका अथवा उनके आश्रित अविवाहित बेटा-बेटी के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने पर।
डायलिसिस पर होना: शिक्षक-शिक्षिका या उनके अविवाहित बेटा-बेटी के नियमित डायलिसिस (Kidney Dialysis) पर होने की स्थिति में।
संशोधित दंपती नीति: जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है, आवेदन करने वाले पति या पत्नी में से केवल आवेदक का ही ट्रांसफर न्यून शिक्षक-छात्र अनुपात वाले जिले में होगा।
मुख्यमंत्री का अनुमोदन: उपरोक्त परिस्थितियों के अतिरिक्त, यदि कोई अन्य अत्यंत विषम या असाधारण परिस्थिति है, तो केवल मुख्यमंत्री (CM Yogi Adityanath) के विशेष अनुमोदन के बाद ही स्थानांतरण संभव हो सकेगा।