लखनऊ में भाजपा मुख्यालय के लिए नया मास्टर प्लान: सेवा न्यास ने लौटाई जमीन, अब LDA के जरिए होगा भव्य निर्माण

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश मुख्यालय के निर्माण को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक और रणनीतिक उलटफेर सामने आया है। जियामऊ स्थित जिस कीमती भूखंड पर मुख्यालय बनना प्रस्तावित था, उसे अब दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास ने वापस लौटा दिया है। बुधवार को नगर निगम सदन ने एक नया फॉर्मूला पास करते हुए जमीन को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को हस्तांतरित करने का रास्ता साफ कर दिया है।

न्यास ने क्यों लौटाई 5500 वर्ग मीटर जमीन?

दरअसल, यह पूरा मामला तब बदला जब 7 अप्रैल को दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास के सदस्य कृष्ण कुमार दीक्षित ने नगर निगम को एक आधिकारिक पत्र लिखा। पत्र में न्यास ने 'बजट की कमी' का हवाला देते हुए मुख्यालय निर्माण में असमर्थता जताई और आवंटित जमीन वापस लेने का अनुरोध किया। बता दें कि यह जमीन (खसरा संख्या 196) करीब 5500 वर्ग मीटर की है, जिसे सितंबर 2020 में 90 साल की लीज पर दिया गया था।

नया फॉर्मूला: सीधे नहीं, अब LDA के माध्यम से होगा रास्ता साफ

नगर निगम ने अब इस जमीन को जिलाधिकारी (DM) सर्किल रेट पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को बेचने का प्रस्ताव पास किया है। इस रणनीतिक बदलाव के पीछे का मुख्य उद्देश्य कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं को खत्म करना है।

प्रक्रिया: पहले नगर निगम यह जमीन LDA को बेचेगा।

हस्तांतरण: इसके बाद LDA इस भूखंड को सीधे भारतीय जनता पार्टी को बेच सकेगा।

लाभ: इस पारदर्शी प्रक्रिया से भविष्य में किसी भी प्रकार की 'लीज' या 'फ्रीहोल्ड' संबंधी कानूनी अड़चन आने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

2 दिन के भीतर तैयार हुई नई कार्ययोजना

इस बदलाव की रफ्तार बेहद तेज रही। न्यास द्वारा जमीन लौटाने की बात कहने के ठीक दो दिन बाद, 9 अप्रैल को LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर जमीन खरीदने का प्रस्ताव दे दिया। बुधवार को सदन की मुहर लगते ही अब जियामऊ की यह प्राइम लोकेशन जल्द ही LDA के कब्जे में आ जाएगी, जिसके बाद मुख्यालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।

PM आवास योजना के लिए भी मांगी गई जमीन

सिर्फ भाजपा मुख्यालय ही नहीं, LDA ने नगर निगम से अन्य विकास कार्यों के लिए भी जमीनों की मांग की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना: गरीबों के लिए घर बनाने हेतु बाघामऊ, सरोजिनी नगर (हरिहरपुर), कल्ली पश्चिम और अतरौली में करीब 80 हजार वर्ग मीटर जमीन मांगी गई है।

शर्त: यह जमीनें LDA को मुफ्त में दी जाएंगी ताकि आवासों की लागत कम रखी जा सके और पात्र लोगों को सस्ता आशियाना मिल सके।