पड़ोसी से दोस्ती की नई पहल बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान का बड़ा फैसला भारतीयों के लिए फिर खुले वीजा के द्वार
India News Live,Digital Desk : भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में जमी बर्फ अब पिघलने लगी है। बांग्लादेश के नवनियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कार्यभार संभालते ही भारत के साथ बिगड़े संबंधों को सुधारने के लिए एक 'मास्टरस्ट्रोक' खेला है। शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बांग्लादेश सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों की वीजा सेवाओं (Tourist & Medical Visa) को तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया है।
यह फैसला मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म करता है। दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने भी इस खबर की पुष्टि कर दी है, जिससे पिछले दो महीनों से जारी राजनयिक गतिरोध अब खत्म होने की कगार पर है।
यूनुस सरकार की पाबंदियों का अंत: अब बेरोकटोक होगा सफर
बता दें कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही भारत के प्रति रुख काफी सख्त था। मोहम्मद यूनुस की सरकार के दौरान न केवल वीजा सेवाएं निलंबित थीं, बल्कि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर था। हालांकि, बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के सत्ता में आते ही तारिक रहमान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे आर्थिक और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारत के साथ हाथ मिलाकर चलना चाहते हैं। अब पर्यटकों और इलाज के लिए जाने वाले भारतीयों को बॉर्डर पर परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भारत ने भी बढ़ाई दोस्ती की हाथ, वीजा प्रक्रिया में आएगी तेजी
सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं, भारत ने भी पड़ोसी धर्म निभाते हुए बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा नियमों में ढील देनी शुरू कर दी है। सिलहट में भारतीय कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास के मुताबिक, बांग्लादेशियों के लिए सभी श्रेणियों के वीजा जल्द ही सामान्य कर दिए जाएंगे। वर्तमान में भारत चिकित्सा (Medical) और दोहरी प्रविष्टि (Double Entry) वीजा को प्राथमिकता दे रहा है। यह कदम दोनों देशों के बीच साझा हितों और आपसी सम्मान को फिर से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
पुरानी कड़वाहट पर मरहम: चटगांव हिंसा के बाद सुधर रहे हालात
दिसंबर 2025 में दोनों देशों के रिश्तों में तब दरार आ गई थी जब कट्टरपंथी कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद चटगांव स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग पर हमला हुआ था। सुरक्षा कारणों से भारत ने वहां अपना काम रोक दिया था। लेकिन अब तारिक रहमान की सरकार ने सुरक्षा का भरोसा दिया है और पुरानी कड़वाहट को भुलाकर दोस्ती का नया अध्याय लिखने की कोशिश की है।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट
वीजा सेवाएं बहाल होने का सबसे बड़ा फायदा उन हजारों परिवारों को होगा जिनके रिश्तेदार सीमा के दोनों पार रहते हैं। इसके अलावा:
मेडिकल टूरिज्म: भारत से बांग्लादेश जाने वाले और वहां से इलाज के लिए भारत आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
बॉर्डर ट्रेड: छोटे व्यापारियों और सीमा पार व्यापार करने वालों के लिए आर्थिक रास्ते खुलेंगे।
धार्मिक पर्यटन: दोनों देशों के तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा सुगम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि तारिक रहमान का यह फैसला दक्षिण एशियाई राजनीति में स्थिरता लाएगा और 'नेबरहुड फर्स्ट' की नीति को और मजबूती देगा।