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August 06 2026 05:32 pm

मुंबई की पटरियों पर फिर दौड़ेगी मोनोरेल नए 'स्मार्ट' अवतार में 21 आधुनिक सुविधाएं, जानें कब से शुरू होगा सफर

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India News Live,Digital Desk : मायानगरी मुंबई के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुंबई की लाइफलाइन का अहम हिस्सा रही मोनोरेल एक बार फिर नए, सुरक्षित और हाई-टेक अवतार में पटरियों पर लौटने के लिए तैयार है। लंबे इंतजार के बाद, अपडेटेड मोनोरेल को सुरक्षा के सभी कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद 'ब्यूरो वेरिटास' (Bureau Veritas) से सुरक्षा प्रमाणन (Safety Certification) मिल चुका है।

अब बस कुछ ही दिनों की बात है जब मुंबईकर एक बार फिर इस आधुनिक और तेज रफ्तार सेवा का आनंद ले सकेंगे।

सुरक्षा में नंबर-1: ग्लोबल स्टैंडर्ड पर कसी गई लगाम

मोनोरेल सेवा को दोबारा शुरू करने से पहले इसे बेहद कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ा है। स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकनकर्ता (ISA) के रूप में कार्य करने वाले वैश्विक संगठन ब्यूरो वेरिटास ने इसके नए रोलिंग स्टॉक और उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम को हरी झंडी दे दी है।

दो महीने का परीक्षण: कॉरिडोर के अलग-अलग हिस्सों पर दो महीने तक इसका कठोर ट्रायल लिया गया।

स्टैटिक और डायनेमिक टेस्ट: उच्चतम सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए खड़े और दौड़ते हुए, दोनों ही स्थितियों में परीक्षण किए गए।

सीबीटीसी सिग्नलिंग: नई मोनोरेल अब आधुनिक सीबीटीसी-आधारित सिग्नलिंग सिस्टम से लैस है, जो दुर्घटनाओं की संभावना को शून्य कर देता है।

'मेड इन इंडिया' मोनोरेल: 21 आधुनिक सुविधाओं से लैस

इस बार मोनोरेल केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि सुविधाओं का एक चलता-फिरता 'स्मार्ट हब' है। यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए इसमें 21 अत्याधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं:

सुरक्षा और निगरानी: हर कोच में सीसीटीवी कैमरे और रियल-टाइम निगरानी प्रणाली लगाई गई है।

डिजिटल यात्रा: मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स के साथ डायनेमिक रूट मैप यात्रियों को पल-पल की जानकारी देंगे।

दिव्यांगजनों का ख्याल: दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से आरामदायक और सुरक्षित सीटों की व्यवस्था की गई है।

मेट्रो जैसा अहसास: आधुनिक मेट्रो-स्टाइल इंटीरियर, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम और अग्नि सुरक्षा के कड़े इंतजाम इसे विश्वस्तरीय बनाते हैं।

अंतिम चरण: 19.54 किमी कॉरिडोर का होगा निरीक्षण

मोनोरेल सेवा शुरू होने से पहले अब बस एक अंतिम कदम बाकी है। जल्द ही 19.54 किलोमीटर लंबे पूरे मोनोरेल कॉरिडोर का व्यापक निरीक्षण एक सेवानिवृत्त मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा किया जाएगा। उनकी अंतिम वैधानिक स्वीकृति मिलते ही नई और चमचमाती मोनोरेल मुंबई की सड़कों के ऊपर दौड़ती नजर आएगी।

प्रशासन ने भरोसा जताया है कि यह नई सेवा न केवल मुंबई के ट्रैफिक को कम करेगी, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित, विश्वसनीय और अत्याधुनिक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेगी।