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May 07 2026 05:09 pm

केजीएमयू के डॉक्टरों का कमाल 10 किलो के बच्चे के शरीर से निकाला 1.5 किलो का ट्यूमर

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India News Live, Digital Desk: राजधानी के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने चिकित्सा जगत में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केजीएमयू के विशेषज्ञों ने एक मासूम बच्चे के शरीर से उसके वजन का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा बन चुके एक विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल बाहर किया।

अत्यंत जटिल और जोखिम भरी थी सर्जरी

महज 10 किलोग्राम वजन के बच्चे के पेट में डेढ़ किलोग्राम का ट्यूमर किसी चुनौती से कम नहीं था। चिकित्सकों के अनुसार, इतनी कम उम्र और कम वजन के बच्चे के लिए यह सर्जरी अत्यंत जोखिम भरी थी। ट्यूमर के कारण बच्चे के शरीर के अन्य अंगों पर भी दबाव बढ़ रहा था, जिससे उसकी जान को खतरा बना हुआ था। ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव और एनेस्थीसिया का प्रबंधन करना सबसे बड़ी चुनौती थी।

डॉ. जेडी रावत के नेतृत्व में मिली सफलता

पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जेडी रावत के कुशल नेतृत्व में इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद ट्यूमर को सफलतापूर्वक शरीर से अलग किया। इस सफल सर्जरी ने केजीएमयू की विशेषज्ञता को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर साबित किया है।

ये रहे ऑपरेशन टीम के अहम सदस्य

इस महत्वपूर्ण सर्जरी को सफल बनाने में निम्नलिखित विशेषज्ञों की भूमिका रही:

सीनियर रेजिडेंट: डॉ. श्रेया श्रीवास्तव और डॉ. मानिष राजपूत।

नर्सिंग स्टाफ: सहायक नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सुधा सिंह और उनकी टीम।

अब खतरे से बाहर है मासूम

सर्जरी के बाद बच्चे को गहन निगरानी में रखा गया था। वर्तमान में बच्चे की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है और डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर घोषित किया है। बच्चे की मां ने भावुक होते हुए केजीएमयू के डॉक्टरों का आभार जताया और इसे अपने बेटे के लिए 'पुनर्जन्म' बताया। संस्थान के प्रशासन ने भी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई दी है।