यूपी में डिजिटल जनगणना का शंखनाद आज से घर बैठे खुद दर्ज करें अपनी जानकारी
India News Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में आज यानी गुरुवार से ऐतिहासिक डिजिटल जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर पोर्टल पर अपनी जानकारी भरकर 'स्वगणना' (Self-Enumeration) प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें लोग प्रगणक (Enumerator) के घर आने से पहले खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
स्वगणना (Self-Enumeration): 7 मई से 21 मई 2026 तक।
प्रगणक द्वारा सत्यापन: 22 मई से 20 जून 2026 तक।
दूसरा चरण: अगले वर्ष (2027) आयोजित किया जाएगा।
कैसे करें 'स्वगणना'? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)
यदि आप अपने परिवार का विवरण खुद दर्ज करना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:
पोर्टल खोलें: आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर जाएं।
पंजीकरण: अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर परिवार का रजिस्ट्रेशन करें।
सत्यापन: अपनी पसंद की भाषा चुनें और प्राप्त OTP के जरिए वेरिफिकेशन करें।
पता: अपना वर्तमान पता भरें और मानचित्र (Map) पर अपने घर को चिह्नित करें।
प्रश्नावली: स्क्रीन पर आने वाले सभी 34 सवालों के जवाब सावधानीपूर्वक भरें।
एसई आईडी (SE ID): फाइनल सबमिट करने के बाद आपको एक विशेष 'स्वगणना आईडी' मिलेगी। इसे संभाल कर रखें, क्योंकि 22 मई के बाद जब प्रगणक आपके घर आएंगे, तो आपको बस यह आईडी उन्हें दिखानी होगी।
साझा रसोई, एक परिवार: क्या हैं नियम?
जनगणना के नियमों में इस बार 'रसोई' को मुख्य आधार बनाया गया है:
परिवार: एक साथ रहने वाले और एक ही रसोई (Shared Kitchen) में भोजन करने वाले लोगों को 'एक परिवार' माना जाएगा।
मकान: उस निर्माण को 'मकान' की श्रेणी में रखा जाएगा जिसका अपना अलग मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance) होगा।
प्रश्नावली: इन 34 सवालों के देने होंगे जवाब
पोर्टल पर आपसे कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे, जो मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित हैं:
1. मकान और परिवार का विवरण
मकान नंबर, छत-दीवार की सामग्री और उपयोग (आवासीय/व्यावसायिक)।
मकान की स्थिति (अच्छी/जर्जर) और परिवार के मुखिया का नाम व लिंग।
क्या मुखिया SC/ST वर्ग से है? मकान अपना है या किराये का?
2. बुनियादी सुविधाएं
कमरों और विवाहित जोड़ों की संख्या।
पीने के पानी का स्रोत, बिजली, शौचालय और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
रसोई घर की उपलब्धता और रसोई गैस (LPG/PNG) का कनेक्शन।
3. संपत्ति और संसाधन
डिजिटल उपकरण: टीवी, रेडियो, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर और स्मार्टफोन।
वाहन: साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल या कार।
खेती की जमीन, बैंक खाता और किसी सरकारी आवास योजना का लाभ।
उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज और परिवार में किसी दिव्यांग सदस्य की जानकारी।
5 लाख कर्मचारियों की फौज, तबादला नीति पर सस्पेंस
उत्तर प्रदेश में इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए करीब 5 लाख कर्मचारियों को लगाया गया है। हालांकि, राज्य की नई तबादला नीति ने थोड़ी चिंता बढ़ा दी है। तबादलों की अंतिम तिथि 31 मई है, जबकि जनगणना का मुख्य चरण 22 मई से शुरू हो रहा है। अगर ड्यूटी के बीच कर्मचारियों के तबादले होते हैं, तो डेटा संकलन (Data Collection) में तकनीकी बाधा आ सकती है। फिलहाल, प्रशासन शेष कर्मचारियों के प्रशिक्षण (Training) को युद्ध स्तर पर पूरा करने में जुटा है।