अडानी ग्रुप का मास्टरस्ट्रोक! ₹3,050 करोड़ में खरीदी यह दिग्गज कंपनी, शेयरधारकों की लगी लॉटरी, 10 साल में दिया 4595% रिटर्न
नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क): भारतीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र (Infrastructure Sector) में अपना दबदबा बढ़ाते हुए अडानी ग्रुप ने एक और बहुत बड़ा दांव खेला है। अडानी ग्रुप की प्रमुख बिजली कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने देश के स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर में तहलका मचाते हुए IntelliSmart Infrastructure Private Limited का 100% अधिग्रहण करने का बड़ा ऐलान किया है।
यह पूरी डील करीब ₹3,050 करोड़ में तय हुई है। इस मेगा सौदे के पूरा होते ही अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग कंपनी बन जाएगी। इस रणनीतिक कदम के बाद शेयर बाजार के निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स के बीच अडानी ग्रुप के स्टॉक्स को लेकर हलचल तेज हो गई है।
क्या है ₹3,050 करोड़ की इस पूरी मेगा डील का गणित?
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (Adani Energy Solutions) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस ₹3,050 करोड़ के सौदे के तहत कंपनी IntelliSmart की पूरी 100% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके साथ ही नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के पास मौजूद कंपनी के ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) का रिडेम्प्शन भी इस सौदे का हिस्सा होगा। हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया अभी आवश्यक नियामकीय (Regulatory) मंजूरियों के अधीन है, जिसके बाद इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
देश का सबसे बड़ा स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बनेगा अडानी
IntelliSmart Infrastructure की बात करें तो यह भारत की एक बेहद प्रतिष्ठित स्मार्ट मीटरिंग फर्म है, जो NIIF और सरकारी उपक्रम एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) का एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है। देशभर में डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (Discoms) के आधुनिकीकरण के लिए यह कंपनी बड़े पैमाने पर काम कर रही है।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का दावा है कि इस अधिग्रहण प्रक्रिया के पूरा होने के बाद कंपनी के पास 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटरों का एक विशाल पोर्टफोलियो होगा। इसके साथ ही अडानी देश का सबसे बड़ा स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बनकर उभरेगा। केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया और स्मार्ट ग्रिड योजना के तहत बिजली चोरी रोकने और बिलिंग में पारदर्शिता लाने के लिए स्मार्ट मीटरों को तेजी से अनिवार्य किया जा रहा है, जिसे देखते हुए अडानी ग्रुप का यह दांव भविष्य का 'गेम चेंजर' माना जा रहा है।
CEO कंदर्प पटेल ने क्या कहा?
इस ऐतिहासिक डील पर बात करते हुए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कंदर्प पटेल ने कहा कि IntelliSmart का यह अधिग्रहण हमारी क्षमता और कार्यकुशलता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। यह डील भारत के पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के डिजिटलीकरण में तकनीक-आधारित समाधानों को तेजी से लागू करने में मदद करेगी। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर संचालन (Scale of Operations) होने से हमारी लागत में कमी आएगी और परिचालन दक्षता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
शेयरधारकों की लगी लॉटरी: 10 साल में दिया 4,595% का छप्परफाड़ रिटर्न
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL) के शेयरों ने बाजार में हमेशा से अपने निवेशकों को मालामाल किया है। इस बड़ी खबर के बीच कंपनी का शेयर मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर करीब ₹1,571 के स्तर पर ट्रेड करता देखा गया। अगर इसके रिटर्न प्रोफाइल पर नजर डालें तो:
पिछले 3 महीने में: शेयर ने करीब 60 प्रतिशत की तूफानी तेजी दिखाई है।
पिछले 1 साल में: निवेशकों को 74 प्रतिशत का तगड़ा मुनाफा मिला है।
पिछले 3 साल में: यह मल्टीबैगर स्टॉक लगभग 89 प्रतिशत तक चढ़ चुका है।
पिछले 10 साल में: इस शेयर ने निवेशकों को करीब 4,595 प्रतिशत का अविश्वसनीय और छप्परफाड़ रिटर्न देकर लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स की लॉटरी लगा दी है।
बाजार विश्लेषकों (Market Experts) का मानना है कि भारत में पावर सेक्टर के डिजिटलीकरण की रफ्तार को देखते हुए आने वाले समय में स्मार्ट मीटरिंग के क्षेत्र में जबरदस्त ग्रोथ होने वाली है। अडानी ग्रुप ने समय रहते इस मार्केट लीडर कंपनी को खरीदकर भविष्य के एक बड़े रेवेन्यू सोर्स पर अपना कब्जा जमा लिया है, जिसका सीधा फायदा आने वाले दिनों में कंपनी के तिमाही नतीजों और शेयरों की कीमतों में देखने को मिल सकता है।