iPhone 18 Pro की डिलीवरी में भारी देरी: अब अक्टूबर तक करना होगा लंबा इंतजार, सप्लाई चेन पर बड़ा संकट
एप्पल के सबसे प्रतीक्षित प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन 'iPhone 18 Pro' को लेकर दुनिया भर के तकनीकी प्रेमियों के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। नए मॉडल के लॉन्च के बाद से ही भारी मांग और प्री-ऑर्डर का रिकॉर्ड बन रहा था, लेकिन अब इस डिवाइस की डिलीवरी टाइमलाइन में भारी देरी दर्ज की जा रही है। आधिकारिक एप्पल स्टोर और प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अपडेटेड डिलीवरी स्टेटस के अनुसार, जिन ग्राहकों ने पहले चरण में डिवाइस बुक कर ली थी, उन्हें भी अब अपने फोन के लिए अक्टूबर माह के मध्य या अंत तक इंतजार करना पड़ेगा।
स्मार्टफोन इंडस्ट्री के विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल के प्रो मॉडल्स की वैश्विक मांग उम्मीद से कई गुना अधिक दर्ज की गई है, जिसके चलते मौजूदा स्टॉक पूरी तरह खाली हो चुका है। वैश्विक स्तर पर लॉजिस्टिक्स और उन्नत हार्डवेयर कंपोनेंट्स की सीमित उपलब्धता ने इस संकट को और गहरा कर दिया है।
रिकॉर्ड तोड़ मांग और प्रो मॉडल्स का अभूतपूर्व क्रेज
एप्पल ने इस साल अपनी प्रो सीरीज में डिजाइन, परफॉर्मेंस और कैमरा डिपार्टमेंट में व्यापक स्तर पर तकनीकी अपग्रेड पेश किए हैं। नई 2nm आर्किटेक्चर पर आधारित चिपसेट और एडवांस्ड जनरेटिव एआई (Apple Intelligence) फीचर्स के कारण उपयोगकर्ताओं के बीच iPhone 18 Pro को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
लॉन्च के पहले कुछ ही घंटों के भीतर ऑनलाइन प्री-ऑर्डर की संख्या पिछले साल के आंकड़ों को पार कर गई। भारत, अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों जैसे प्रमुख बाजारों में प्रो वेरिएंट्स का प्राथमिक आवंटन (एलोकेशन) चंद मिनटों में बिक गया। शुरुआती बुकिंग के दौरान डिलीवरी सितंबर के अंतिम सप्ताह में तय की गई थी, लेकिन अब शिपिंग विंडो को बढ़ाकर अक्टूबर के तीसरे से चौथे सप्ताह तक खिसका दिया गया है।
सप्लाई चेन और एडवांस 2nm चिपसेट का उत्पादन संकट
तकनीकी विशेषज्ञों और सप्लाई चेन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस देरी के पीछे केवल अत्यधिक मांग ही नहीं, बल्कि प्रोडक्शन से जुड़ी जटिलताएं भी एक बड़ा कारण हैं:
2nm चिपसेट की सीमित यील्ड: एप्पल के नेक्स्ट-जेनरेशन बायोनिक प्रोसेसर को तैयार करने वाली फाउंड्रीज में अत्याधुनिक फैब्रिकेशन प्रोसेस के चलते शुरुआती प्रोडक्शन यील्ड अपेक्षाकृत धीमी गति से आगे बढ़ रही है।
पेरिस्कोप टेलीफोटो और नए सेंसर की उपलब्धता: नए प्रो मॉडल में दिए गए नेक्स्ट-लेवल ऑप्टिकल जूम कैमरा मॉड्यूल और नए इमेज सेंसर की जटिल असेंबली प्रक्रिया के कारण प्रोडक्शन लाइन पर समय अधिक लग रहा है।
टाइटेनियम चेसिस की मैन्युफैक्चरिंग: प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष अलॉय फ्रेम की फिनिशिंग में लगने वाले समय ने असेंबली गति को धीमा कर दिया है।
भारत समेत एशियाई बाजारों पर क्या पड़ेगा इसका सीधा असर?
भारत जैसे तेजी से बढ़ते प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में इस डिलीवरी संकट का सीधा असर त्योहारों की खरीदारी पर पड़ सकता है। आगामी फेस्टिव सीजन (नवरात्रि और दिवाली) के दौरान एप्पल के प्रो मॉडल्स की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की जाती है।
वर्तमान स्थिति के अनुसार:
ऑनलाइन प्री-ऑर्डर्स: एप्पल इंडिया के आधिकारिक ऑनलाइन स्टोर पर अब नई बुकिंग्स के लिए शिपिंग डेट्स अक्टूबर के अंत तक दिखाई दे रही हैं।
ऑफलाइन ऑथराइज्ड रीसेलर्स: बड़े रिटेल स्टोर्स (जैसे क्रोमा, विजय सेल्स और एप्पल प्रीमियम रीसेलर्स) के पास भी इन-स्टोर स्टॉक बेहद सीमित मात्रा में पहुंचेगा, जिसे केवल वीआईपी और शुरुआती टोकन धारकों को ही दिया जा सकेगा।
प्रीमियम ग्रे मार्केट की सक्रियता: आधिकारिक डिलीवरी में देरी के चलते अनाधिकारिक और ग्रे मार्केट में प्रो मॉडल्स पर भारी प्रीमियम वसूले जाने की आशंका बढ़ गई है।
बेस वेरिएंट्स (iPhone 18) की डिलीवरी स्थिति सामान्य
राहत की बात यह है कि डिलीवरी में यह भारी देरी मुख्य रूप से iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max तक ही सीमित है। स्टैंडर्ड iPhone 18 और iPhone 18 Plus मॉडल्स की डिलीवरी टाइमलाइन काफी हद तक स्थिर बनी हुई है। जिन ग्राहकों ने बेस मॉडल्स को प्री-ऑर्डर किया है, उन्हें सितंबर के अंत तक ही डिवाइस की डिलीवरी मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ग्राहक लंबा इंतजार नहीं करना चाहते और उनका प्राथमिक फोकस केवल कोर ऑपरेटिंग सिस्टम व बुनियादी अपग्रेड्स का अनुभव करना है, तो वे बेस मॉडल का रुख कर सकते हैं। हालांकि, फोटोग्राफी, हाई-एंड गेमिंग और प्रीमियम मटीरियल चाहने वाले यूजर्स को अक्टूबर तक धैर्य बनाए रखना होगा।