लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी की लेंगे जगह
नई दिल्ली: भारतीय सेना के नए मुखिया के नाम का आधिकारिक एलान हो चुका है। वर्तमान उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला थल सेना प्रमुख (Army Chief) नियुक्त किया गया है। वे 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त (रिटायर) हो रहे वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे।
मौजूदा समय में भारतीय सेना के 49वें उप सेना प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ आगामी 30 जून को भारत के 31वें सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनका यह कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा।
शानदार अकादमिक रिकॉर्ड और करीब 4 दशक का सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सैन्य और अकादमिक करियर बेहद शानदार रहा है। वे देश के प्रतिष्ठित रक्षा शिक्षण संस्थानों के पूर्व छात्र रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA), खड़कवासला
इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA), देहरादून
डिफेंस सर्विसेज स्टॉफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन
आर्मी वॉर कॉलेज, महू
नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC), नई दिल्ली
धीरज सेठ 20 दिसंबर 1986 को भारतीय सेना की 'आर्म्ड कॉर्प्स' (बख्तरबंद कोर) में कमीशन हुए थे। उन्हें सेना में काम करने का करीब चार दशकों (40 साल) का लंबा और बेहद कड़ा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमांड, स्टाफ और इंस्ट्रक्शनल (शिक्षण) पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
विरासत में मिली देशभक्ति: पिता भी सेना में रह चुके हैं एडजुटेंट जनरल
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश सेवा का जज्बा विरासत में मिला है। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कृष्ण मोहन सेठ भी भारतीय सेना के एक अत्यंत प्रतिष्ठित अधिकारी रह चुके हैं, जो साल 1997 में सेना के 'एडजुटेंट जनरल' के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
अपने उत्कृष्ट और निष्कलंक करियर के लिए लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश के कई बड़े सैन्य पदकों से नवाजा जा चुका है:
परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) - 2025
उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) - 2026
अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) - 2022
यूनाइटेड नेशंस (UN) के मिशन में भी गाड़ चुके हैं झंडा
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का अनुभव सिर्फ घरेलू मोर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 1995-96 के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के 'अंगोला वेरिफिकेशन मिशन III' में बतौर ऑपरेशन्स ऑफिसर एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वहां से लौटने के बाद वे लगातार प्रमोट होते रहे। उन्होंने एनडीए (NDA) में इंस्ट्रक्टर और असिस्टेंट एडजुटेंट के रूप में नई पौध को तैयार किया। इसके बाद उन्होंने अहमदनगर के 'स्कूल ऑफ आर्मर्ड वॉरफेयर' में भी भारतीय जांबाजों को कड़ा प्रशिक्षण दिया।
कमांड और रणनीतिक पदों पर रहने का बेजोड़ सफर
अपने चार दशक के करियर में उन्होंने सेना के कई सबसे महत्वपूर्ण पदों को संभाला है:
शुरुआती दौर में उन्होंने 98 ऑर्म्स ब्रिगेड की कमान संभाली और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी 'यूनिफॉर्म फोर्स' के जनरल ऑफिसर इन कमांड (GOC) रहे।
वे साउथ वेस्टर्न कमांड में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ (ऑपरेशन्स) और आर्मी हेडक्वार्टर में एडिशनल डायरेक्टर जनरल (वेपन्स एंड इक्विपमेंट) रहे।
लेफ्टिनेंट जनरल बनने के बाद उन्होंने नई दिल्ली में डायरेक्टर जनरल (डिसिप्लिन, सेरेमोनियल और वेलफेयर) का पद संभाला।
31 जुलाई 2021 को उन्होंने प्रतिष्ठित XXI कोर और अगस्त 2022 में दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग का पदभार संभाला।
साउथ वेस्टर्न कमांड से होते हुए उप सेना प्रमुख और अब देश के 'आर्मी चीफ'
धीरज सेठ के बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए 1 नवंबर 2023 को उन्हें साउथ वेस्टर्न कमांड का कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल बी. एस. राजू की जगह ली थी। इसके बाद उन्होंने सेना की दक्षिणी कमान (Southern Command) का भी कुशल नेतृत्व किया।
उनकी इसी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए सरकार ने 1 अप्रैल 2026 को उन्हें भारतीय सेना का उप सेना प्रमुख (VCOAS) बनाया था। अब वे देश की सीमाओं की सुरक्षा और भारतीय सेना को आधुनिक बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।