Bank of Baroda यूजर्स अलर्ट! डेटा लीक के दावों के बीच तुरंत बदलें नेट बैंकिंग पासवर्ड और ATM PIN, जानें अकाउंट सुरक्षित रखने के 5 आसान तरीके
यदि आपका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में है, तो यह खबर आपके बैंक बैलेंस की सुरक्षा से जुड़ी है। हाल ही में बैंक से जुड़ी एक साइबर सुरक्षा घटना की बात सामने आई है, जिसमें एक कर्मचारी के ईमेल खाते के अनधिकृत एक्सेस के बाद डार्क वेब पर डेटा लीक होने की खबरें आई हैं। हालांकि घबराने की जगह तुरंत कुछ बुनियादी और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाना समझदारी होगी, ताकि आपके बैंक खाते को किसी भी संभावित साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) से बचाया जा सके।
1. सबसे पहले बदलें नेट बैंकिंग पासवर्ड (Net Banking Password)
डेटा लीक जैसी घटनाओं के बाद साइबर ठग चोरी हुई जानकारियों का इस्तेमाल करके फर्जी लॉगिन की कोशिश कर सकते हैं।
कैसे बदलें: बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट (www.bankofbaroda.in) पर जाएं।
स्टेप्स: नेट बैंकिंग में लॉगिन करें, फिर Settings या Profile सेक्शन में जाकर Change Password का विकल्प चुनें।
सुझाव: अपने पुराने पासवर्ड की जगह एक मजबूत और नया पासवर्ड बनाएं, जिसमें अक्षर, अंक और विशेष वर्ण (!@#$) शामिल हों।
2. डेबिट कार्ड का PIN भी करें रीसेट
अपने बैंक खाते को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए एटीएम सह डेबिट कार्ड का PIN तुरंत बदलें।
रीसेट के तरीके: ग्राहक bob World ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, IVR (फोन बैंकिंग) या सीधे नजदीकी BoB ATM पर जाकर PIN बदल सकते हैं।
एटीएम से PIN बदलना: एटीएम मशीन में कार्ड डालें, PIN Change/Green PIN विकल्प चुनें, OTP वेरिफिकेशन पूरा करें और नया 4 अंकों का पिन सेट करें।
3. SMS और ईमेल अलर्ट हमेशा रखें चालू
अकाउंट से होने वाले किसी भी अनधिकृत ट्रांजैक्शन की तुरंत जानकारी पाने के लिए अलर्ट सुविधा बेहद कारगर है।
जैसे ही आपके खाते से पैसे कटेंगे या जमा होंगे, उसका तुरंत SMS और ईमेल नोटिफिकेशन आपको मिल जाएगा।
यदि यह सेवा चालू नहीं है, तो इसे bob World ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या अपनी होम ब्रांच जाकर तुरंत एक्टिव कराएं।
4. फर्जी कॉल, SMS और संदिग्ध लिंक्स से बचें
डेटा लीक के बाद साइबर अपराधी खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर या KYC टीम का कर्मचारी बताकर आपको कॉल या मैसेज कर सकते हैं।
सावधानी: कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना लॉगिन ID, पासवर्ड, ATM PIN, CVV, UPI PIN या OTP शेयर न करें।
व्हाट्सएप, ईमेल या SMS पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके बैंकिंग लॉगिन न करें।
5. बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की करें नियमित जांच
आने वाले कुछ हफ्तों तक अपने बैंक खाते की गतिविधियों पर बारीक नजर रखें।
साइबर ठग अक्सर खाता एक्टिव है या नहीं, यह जांचने के लिए पहले बहुत छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन करते हैं।
अपने बैंक स्टेटमेंट, मिनी स्टेटमेंट या passbook को नियमित चेक करते रहें। यदि कोई अनधिकृत लेन-देन नजर आए, तो बिना देरी किए बैंक के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं और कार्ड/नेट बैंकिंग ब्लॉक कराएं।