कॉकरोच छोड़ो, इश्क करो पार्टी करो ज्वाइन! पूर्व जज जस्टिस काटजू के अनोखे ऑफर पर क्या बोले अभिजित दिपके

Post

सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक अपनी अनोखी राजनीति से तहलका मचाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संयोजक अभिजित दिपके ने बुधवार को पुणे में एक धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस ब्रीफिंग के दौरान जहां उन्होंने छात्रों के मुद्दों को लेकर अपनी अगली आक्रामक रणनीति का खुलासा किया, वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू द्वारा शुरू की गई 'इश्क करो पार्टी' को लेकर भी अपनी बेबाक राय रखी।

दरअसल, अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले पूर्व जस्टिस काटजू ने सोशल मीडिया पर युवाओं से एक दिलचस्प अपील की थी। उन्होंने कहा था कि युवाओं को कॉकरोच जनता पार्टी का साथ छोड़कर उनकी नई 'इश्क करो पार्टी' में शामिल हो जाना चाहिए। जब पुणे में पत्रकारों ने अभिजित दिपके से इस अनोखे ऑफर पर सवाल पूछा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे लगता है कि हमारा देश एक महान लोकतांत्रिक देश है। ऐसे में यहाँ किसी को भी अपनी नई पार्टी शुरू करने का पूरा अधिकार है और इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।”

क्या है पूर्व जज जस्टिस काटजू की 'इश्क करो पार्टी'?

सोशल मीडिया पर अपने लीक से हटकर किए जाने वाले पोस्ट के लिए मशहूर पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने कुछ दिनों पहले ही अपनी इस नई व्यंग्यात्मक (Satirical) पार्टी को लॉन्च किया है। उन्होंने बाकायदा इसके लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक पेज और एक ऑफिशियल वेबसाइट भी तैयार की है।

अपनी इस अनोखी पार्टी के पीछे का दिलचस्प वाकया बताते हुए जस्टिस काटजू ने लिखा कि उन्होंने इस पार्टी को बनाने का आईडिया सबसे पहले अमेरिका में रहने वाले अपने करीबी दोस्त इरफान अली के साथ साझा किया था। इरफान को यह प्रस्ताव इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत इसे धरातल पर उतारने का ऐलान कर दिया।

'इश्क' का मतलब वैलेंटाइन या रोमांस नहीं, बल्कि देश से प्यार: जस्टिस काटजू

जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में इस बात को पूरी तरह साफ किया कि लोग उनकी पार्टी के नाम को लेकर किसी गलतफहमी में न रहें। उन्होंने लिखा:

"जब मैंने पहली बार इस पार्टी के बारे में ट्वीट किया, तो अधिकांश लोगों को लगा कि यह सिर्फ एक मजाक है। लोगों को लगा कि मैं लड़के और लड़कियों के बीच रोमांस या वैलेंटाइन डे जैसा कुछ बढ़ावा देने के लिए यह सब कर रहा हूँ। लेकिन यह उनकी भारी गलतफहमी है। असल में हमारी पार्टी भारत की सबसे बड़ी आंतरिक समस्या से निपटने के लिए बनी है। हमारी 'इश्क करो पार्टी' के लिए इश्क का मतलब किसी पुरुष और महिला का आपसी प्यार नहीं है, बल्कि अपने वतन हिंदुस्तान और यहाँ रहने वाले नागरिकों के लिए बेपनाह मोहब्बत है। हमारी अपील है कि लोग अपने जाति, धर्म, भाषा और नस्ल के मतभेदों को भुलाकर देश की तरक्की के लिए एकजुट हों।"

धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, नहीं तो जंतर-मंतर पर होगा महा-आंदोलन: दिपके का अल्टीमेटम

जस्टिस काटजू की 'इश्क करो पार्टी' के इस तंज से इतर, कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजित दिपके इस समय देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर मीडिया से बात करते हुए दिपके ने एक बड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने साफ कहा कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उनकी पार्टी पूरे देश में एक उग्र लेकिन शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगी।

इस देशव्यापी प्रदर्शन की शुरुआत गुरुवार से पुणे विश्वविद्यालय (Pune University) के परिसर से होने जा रही है। दिपके ने रणनीति साझा करते हुए बताया, “अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देश का युवा सड़कों पर उतरेगा। कल पुणे में सभी छात्र जुटेंगे। इसके बाद मैं खुद जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु जैसी बड़ी जगहों पर जाकर छात्रों को एकजुट कर आंदोलन का नेतृत्व करूँगा। यह पूरा आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा। अगर इसके बाद भी सरकार नहीं जागती है, तो देश भर के युवा 20 तारीख को दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डालेंगे और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिए बिना वहां से पीछे नहीं हटेंगे।”

सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी से बनी पार्टी, जुड़ गए 22 मिलियन युवा

आपको बता दें कि इस पूरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के वजूद में आने की कहानी भी बेहद फिल्मी है। इस पूरी मुहिम की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक तीखी टिप्पणी के बाद हुई थी। इसके बाद, अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के अभिजित दिपके ने सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नाम से एक फनी पेज बना दिया।

देखते ही देखते इस पेज ने सोशल मीडिया पर ऐसा तूफान मचाया कि इससे करीब 22 मिलियन (2.2 करोड़) लोग, विशेषकर छात्र जुड़ गए। इसके बाद जब देश में नीट पेपर लीक का बड़ा मुद्दा गरमाया, तो इस डिजिटल पार्टी ने इसे हाथों-हाथ लिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बीती 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा जमीनी प्रदर्शन कर दिया। इस आंदोलन के लिए अभिजित दिपके खुद अमेरिका से भारत आए हैं और अब उन्होंने सरकार को घुटने पर लाने के लिए बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।