कोई जिंदा नहीं बचा! POK में जनता पर गोलियां बरसाने वाली PAK फौज का सैनिकों से भरा हेलीकॉप्टर उड़ान भरते ही क्रैश
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी जन आंदोलन को बंदूकों और सैन्य ताकत के दम पर बेरहमी से कुचलने में जुटी पाकिस्तानी सेना को कुदरत ने एक बहुत ही जोरदार झटका दिया है। बुधवार को पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के भीतर पाकिस्तानी सेना का एक लड़ाकू Mi-17 हेलीकॉप्टर अचानक भीषण हादसे का शिकार होकर क्रैश हो गया। पाकिस्तानी सेना की तरफ से जारी शुरुआती आधिकारिक बयान में इस भयानक हादसे के लिए तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस दर्दनाक क्रैश में हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी पाक सैनिकों व सैन्य अफसरों की मौके पर ही मौत हो गई है।
पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार 'डॉन' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग ISPR ने इस विनाशकारी घटना पर एक संक्षिप्त लेकिन बेहद चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। ISPR ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "मुजफ्फराबाद में हुए इस हेलीकॉप्टर हादसे में सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में से कोई भी शख्स जीवित नहीं बचा है। घटना के तुरंत बाद सेना की रेस्क्यू टीमों और राहत कर्मियों को क्रैश साइट पर रवाना कर दिया गया है। हेलीकॉप्टर में अचानक आई इस तकनीकी खराबी के पुख्ता कारणों का पता लगाने के लिए एक हाई-लेवल जांच बोर्ड (Board of Inquiry) का गठन भी कर दिया गया है।"
जनरल आसिम मुनीर ने जताया दुख, सेना में मचा भारी हड़कंप
इस बड़े और अप्रत्याशित सैन्य नुकसान के बाद पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने मारे गए सभी सैनिकों और अधिकारियों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और शोक प्रकट किया है। आईएसपीआर ने अपने शोक संदेश में कहा कि आर्मी चीफ और सेना के सभी रैंक के अधिकारियों ने इस बेहद दुखद और आकस्मिक घटना में जान गंवाने वाले जांबाजों के परिवारों के प्रति एकजुटता जताई है। हालांकि, कश्मीरी प्रदर्शनकारियों पर जुल्म ढाने वाली कुख्यात 'JAAC' विरोधी मुहिम के बीच इस मुख्य हेलीकॉप्टर के क्रैश होने से पाकिस्तानी सेना के खेमे में भारी हड़कंप मच गया है।
पाकिस्तान में कबाड़ हो चुके हैं हेलिकॉप्टर? हादसों का पुराना और काला इतिहास
कोई यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी सेना का कोई विमान या हेलीकॉप्टर इस तरह हवा में आग का गोला बना हो। पिछले कुछ समय के भीतर पाकिस्तान में लगातार हवाई दुर्घटनाएं देखने को मिली हैं, जो पाक सेना के घटिया मेंटेनेंस और बजट की कंगाली को सरेआम उजागर करती हैं:
सितंबर 2025 का हादसा: पिछले साल सितंबर महीने में भी पाकिस्तानी सेना का एक कॉप्टर क्रैश हुआ था, जिसमें दो जांबाज पायलटों समेत तीन सीनियर तकनीशियनों की तड़पकर मौत हो गई थी।
अगस्त 2025 की तबाही: इससे ठीक एक महीने पहले अगस्त 2025 में भी पाकिस्तानी एयरफोर्स का एक हेलीकॉप्टर खराब मौसम की चपेट में आकर पहाड़ियों से टकरा गया था, जिसमें दो पायलटों समेत कुल तीन लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
इन लगातार हो रहे हादसों ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तानी हुकूमत के पास अपने विमानों की मरम्मत के लिए पैसे नहीं हैं, जिससे उनके सैन्य हेलीकॉप्टर अब सैनिकों के लिए उड़ते हुए ताबूत बनते जा रहे हैं।
कुदरत का न्याय? इंटरनेट बंद कर सच छिपाने वाले खुद हुए तबाह
दिलचस्प बात यह है कि यह भीषण हादसा ठीक उसी मुजफ्फराबाद इलाके में हुआ है, जहां पिछले कई दिनों से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण तरीके से आटा-दाल और सस्ती बिजली मांग रहे निहत्थे कश्मीरी प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। स्थानीय एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, जनरल आसिम मुनीर की शह पर पाकिस्तानी फौज ने अब तक 100 से ज्यादा बेकसूर नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया है और दुनिया से सच छिपाने के लिए पूरे पीओके में इंटरनेट को पूरी तरह ब्लॉक कर रखा है। सोशल मीडिया पर लोग इस हेलीकॉप्टर क्रैश को निर्दोषों की हाय और 'कुदरत का सीधा न्याय' बताकर पाकिस्तान सरकार को जमकर ट्रोल कर रहे हैं।