सोशल मीडिया पर वायरल दावे का सच: क्या लोन की EMI न भरने पर बैंक बंद कर सकता है आपका मोबाइल नंबर? जानें RBI का असली नियम
नई दिल्ली: "अगर आपने लोन की ईएमआई (EMI) मिस की, तो बैंक आपका मोबाइल नंबर ब्लॉक करवा देगा!"—क्या आपने भी सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप पर ऐसा कोई डरावना मैसेज देखा है? इस तरह के दावे इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे आम लोन धारक बेहद परेशान हैं। लेकिन क्या वाकई बैंकों के पास ऐसा कोई अधिकार है? आइए जानते हैं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियम इस बारे में क्या कहते हैं।
क्या बैंक आपका नंबर ब्लॉक करवा सकते हैं?
जवाब है—बिल्कुल नहीं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का ऐसा कोई नियम नहीं है जो किसी बैंक या एनबीएफसी (NBFC) को लोन न चुकाने पर ग्राहक का मोबाइल नंबर बंद कराने का अधिकार देता हो। मोबाइल सेवाएं पूरी तरह से टेलीकॉम रेगुलेटरी और नियमों के अधीन आती हैं, जिनका बैंकिंग सेक्टर से कोई सीधा संबंध नहीं है। कोई भी वित्तीय संस्थान टेलीकॉम कंपनी को आपका नंबर ब्लॉक करने का आदेश नहीं दे सकता।
लोन रिकवरी को लेकर क्या हैं RBI के कड़े निर्देश?
रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि लोन वसूली (Recovery) की प्रक्रिया हमेशा कानूनी, निष्पक्ष और सम्मानजनक होनी चाहिए।
गाइडलाइंस का पालन: बैंक या उनके रिकवरी एजेंट ग्राहकों को डरा-धमका नहीं सकते।
गलत जानकारी पर रोक: फर्जी नियमों का हवाला देकर या भ्रामक जानकारी फैलाकर दबाव बनाना RBI की 'फेयर प्रैक्टिस गाइडलाइंस' का सीधा उल्लंघन है।
लोन डिफॉल्ट होने पर बैंक क्या कानूनी कदम उठा सकता है?
ईएमआई न चुकाने पर मोबाइल नंबर तो बंद नहीं होगा, लेकिन बैंक अपने नुकसान की भरपाई के लिए ये वैध कदम जरूर उठा सकता है:
पेनाल्टी और ब्याज: देरी से भुगतान करने पर लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज लगाया जा सकता है।
क्रेडिट स्कोर पर असर: डिफॉल्ट की जानकारी सिबिल (CIBIL) जैसी क्रेडिट ब्यूरो को दी जाती है, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है और भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो जाता है।
कानूनी कार्रवाई: बैंक लीगल नोटिस भेजकर कानूनी रूप से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
अगर ऐसी फर्जी धमकी मिले, तो तुरंत करें ये काम
यदि कोई एजेंट या मैसेज आपको नंबर बंद करने की धमकी दे, तो घबराने की बजाय ये कदम उठाएं:
सच्चाई जानें: बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज कराएं और सच्चाई का पता लगाएं।
सबूत सुरक्षित रखें: ऐसे किसी भी धमकी भरे कॉल, मैसेज या नोटिस का स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्डिंग संभालकर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर कानूनी शिकायत की जा सके।
बैंक से करें बात: अगर आप सच में आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो बैंक से छिपने की बजाय सीधे बात करें। बैंक अक्सर ग्राहकों को ईएमआई रीस्ट्रक्चरिंग या नया रीपेमेंट प्लान चुनने का विकल्प देते हैं।