चौमुखी दीपक जलाने से दूर होगी हर बाधा, जानें किस देवता के लिए और किस दिशा में जलाना है शुभ
India News Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में दीपदान का विशेष महत्व है। आमतौर पर हम घरों में एक लौ वाला दीपक जलाते हैं, लेकिन विशेष परिस्थितियों और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 'चौमुखी दीपक' (चार मुख वाला दीया) जलाने का विधान है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चौमुखी दीपक न केवल घर के अंधकार को दूर करता है, बल्कि यह चारों दिशाओं से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सुख-समृद्धि के द्वार खोलता है।
आइए जानते हैं चौमुखी दीपक किस देवता के लिए जलाया जाता है और इसे जलाने की सही दिशा क्या है।
किन देवताओं के लिए जलता है चौमुखी दीपक?
चौमुखी दीपक मुख्य रूप से तीन विशेष उद्देश्यों के लिए जलाया जाता है:
भगवान गणेश (विघ्नहर्ता): किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में या कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान गणेश के सामने चौमुखी दीपक जलाना अत्यंत फलदायी होता है।
माता लक्ष्मी (धन की देवी): आर्थिक तंगी दूर करने और घर में स्थायी सुख-समृद्धि के लिए मुख्य द्वार पर या तिजोरी के पास चौमुखी घी का दीपक जलाया जाता है।
काल भैरव और यमराज: अकाल मृत्यु के भय को दूर करने और संकटों से रक्षा के लिए दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक (अक्सर सरसों के तेल का) जलाया जाता है।
चौमुखी दीपक जलाने की सही दिशा और नियम
दीपक की दिशा उसके फल को निर्धारित करती है। गलत दिशा में जलाया गया दीपक विपरीत प्रभाव भी दे सकता है।
उत्तर दिशा: यदि आप धन लाभ और करियर में उन्नति चाहते हैं, तो उत्तर दिशा की ओर मुख वाला चौमुखी दीपक जलाएं।
पूर्व दिशा: मान-सम्मान, अच्छी सेहत और आध्यात्मिक शांति के लिए दीपक का मुख पूर्व दिशा की ओर रखें।
दक्षिण दिशा: पितरों की शांति और यमराज को प्रसन्न करने के लिए दक्षिण दिशा में दीपक जलाया जाता है। (ध्यान रहे, यह विशेष तिथियों जैसे अमावस्या या नरक चतुर्दशी पर अधिक प्रभावी होता है)।
चौमुखी दीपक जलाने के अद्भुत फायदे
नकारात्मकता का नाश: चार मुख वाला दीपक घर के चारों कोनों को ऊर्जित करता है, जिससे वास्तु दोष दूर होते हैं।
ग्रह दोषों से मुक्ति: यदि कुंडली में राहु-केतु या शनि का प्रतिकूल प्रभाव है, तो शनिवार के दिन चौमुखी दीपक जलाने से शांति मिलती है।
संतान सुख: संतान प्राप्ति की बाधाओं को दूर करने के लिए भी नियमपूर्वक चौमुखी दीपक जलाने की सलाह दी जाती है।
कोर्ट-कचहरी के मामले: शत्रुओं पर विजय और कानूनी विवादों में सफलता के लिए भी यह उपाय अचूक माना गया है।
सावधानी:
दीपक जलाते समय ध्यान रखें कि बत्तियां सूती और साफ हों। घी का दीपक देवताओं के लिए और तेल का दीपक कष्ट निवारण के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। दीपक को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें, उसके नीचे थोड़े अक्षत (चावल) या फूल जरूर रखें।