हर महीने बचाएं सिर्फ 2000 रुपये, रिटायरमेंट पर हाथ में आएंगे पूरे 1.08 करोड़! सरकारी गारंटी के साथ टैक्स भी बचेगा
India News Live, Digital Desk : अगर आप भी भविष्य को सुरक्षित करने और बुढ़ापे में पैसों की टेंशन से मुक्त होने के लिए किसी सुरक्षित निवेश माध्यम की तलाश में हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ (PPF) आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर इस स्कीम में निवेशकों को फिक्स और गारंटीड रिटर्न मिलता है। मौजूदा समय में केंद्र सरकार पीपीएफ खातों पर 7.1 प्रतिशत की शानदार ब्याज दर दे रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत इस स्कीम में निवेश करने पर, मिलने वाले ब्याज पर और मैच्योरिटी की पूरी रकम पर एक भी रुपया टैक्स नहीं देना पड़ता है। यानी यह पूरी तरह से 'टैक्स-फ्री' (EEE Category) स्कीम है, जिसके जरिए आप आयकर की धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स बचत कर सकते हैं। हालांकि, नई टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को इसमें टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा।
चुटकियों में खुलेगा खाता, बेहद आसान हैं निवेश के नियम
पीपीएफ अकाउंट खुलवाना बेहद आसान है। आप अपने किसी भी नजदीकी पोस्ट ऑफिस (Post Office) या सरकारी व अधिकृत प्राइवेट बैंकों में जाकर इस खाते को आसानी से शुरू करवा सकते हैं। इस सरकारी स्कीम की खासियत यह है कि इसमें निवेश की शुरुआत बेहद कम रकम से की जा सकती है। आप साल में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। यह एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान है, जो शुरुआती तौर पर 15 साल के लिए लॉक-इन होता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है।
जानिए किस उम्र में 2000 रुपये महीना जमा करने पर कितना मिलेगा फंड
आपकी उम्र जितनी कम होगी, पीपीएफ का कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज) जादू उतनी ही तेजी से काम करेगा। आइए अलग-अलग उम्र के हिसाब से इस 2000 रुपये प्रति माह के निवेश का पूरा गणित समझते हैं:
45 साल की उम्र: यदि आप 45 वर्ष की उम्र में हर महीने 2000 रुपये का निवेश शुरू करते हैं, तो 15 साल की मैच्योरिटी (60 साल की उम्र) तक आपका कुल निवेश 3.60 लाख रुपये होगा। इस पर आपको 2.90 लाख रुपये का फिक्स ब्याज मिलेगा, जिससे रिटायरमेंट के वक्त कुल 6.50 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा।
40 साल की उम्र: 40 वर्ष की आयु से अगले 20 सालों तक लगातार 2000 रुपये महीना जमा करने पर आपका कुल निवेश 4.80 लाख रुपये होगा। इस अवधि में आपको 5.85 लाख रुपये केवल ब्याज के रूप में मिलेंगे, जिससे 60 की उम्र में आपके हाथ में कुल 10.65 लाख रुपये आएंगे।
35 साल की उम्र: यदि 35 साल की उम्र में पीपीएफ खाता खुलवाकर आप 60 साल की उम्र (यानी 25 साल) तक निवेश जारी रखते हैं, तो आपके द्वारा जमा किए गए 6 लाख रुपये पर आपको 10.45 लाख रुपये का ब्याज मिलेगा। इस तरह रिटायरमेंट पर कुल रकम 16.49 लाख रुपये हो जाएगी।
30 साल की उम्र: 30 वर्ष की उम्र से अगले 30 सालों तक हर महीने 2000 रुपये डालने पर आपका कुल निवेश 7.20 लाख रुपये होगा, लेकिन इस पर मिलने वाला ब्याज 17.52 लाख रुपये हो जाएगा। मैच्योरिटी पर आपको कुल 24.72 लाख रुपये मिलेंगे।
25 साल की उम्र: यदि कोई युवा 25 साल की उम्र में नौकरी की शुरुआत के साथ ही पीपीएफ में निवेश करता है, तो 35 साल के लगातार निवेश (60 साल की उम्र) के बाद महज 8.40 लाख रुपये जमा करने पर उसे 27.91 लाख रुपये का भारी-भरकम ब्याज मिलेगा। रिटायरमेंट के वक्त यह कुल फंड 36.31 लाख रुपये का होगा।
20 साल की उम्र: 20 साल के युवा के लिए यह स्कीम बंपर रिटर्न देती है। 40 साल तक लगातार हर महीने 2000 रुपये निवेश करने पर कुल जमा राशि महज 9.60 लाख रुपये होगी, जबकि ब्याज का फायदा 43.05 लाख रुपये मिलेगा। इस तरह 60 साल की उम्र में कुल फंड 52.65 लाख रुपये तैयार हो जाएगा।
बच्चों के नाम पर निवेश करने से कैसे बनेंगे पूरे 1.08 करोड़ रुपये
पीपीएफ स्कीम का सबसे बड़ा चमत्कार तब देखने को मिलता है, जब अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर यह अकाउंट खुलवाते हैं। माता-पिता अपने बच्चों के लिए यह जॉइंट अकाउंट आसानी से खोल सकते हैं, जो बच्चे के 18 साल का होते ही सामान्य अकाउंट में बदल जाता है।
मान लीजिए कि आप अपने बच्चे की 10 साल की उम्र से ही उसके पीपीएफ खाते में हर महीने 2000 रुपये जमा करना शुरू कर देते हैं। जब तक बच्चा 60 साल की उम्र (यानी कुल 50 साल का निवेश) तक पहुंचेगा, तब तक खाते में कुल निवेश सिर्फ 12 लाख रुपये का होगा। लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत के कारण इस मामूली निवेश पर 96.12 लाख रुपये का केवल ब्याज बनेगा। नतीजतन, रिटायरमेंट के वक्त आपके बच्चे के हाथ में पूरे 1.08 करोड़ रुपये की भारी-भरकम और पूरी तरह टैक्स-फ्री राशि होगी।