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September 13 2026 03:22 pm

केजरीवाल का सबसे भरोसेमंद 'चाणक्य' ही निकला बागी: राघव चड्ढा नहीं, इस एक सांसद के जाने से टूटा CM का भरोसा

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India News Live,Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए मौजूदा समय किसी राजनीतिक आपदा से कम नहीं है। राज्यसभा के 7 सांसदों का एक साथ भाजपा में शामिल होना अरविंद केजरीवाल के लिए एक ऐसा घाव है, जिसकी भरपाई नामुमकिन नजर आ रही है। हालांकि इस बगावत का चेहरा राघव चड्ढा को माना जा रहा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों की मानें तो केजरीवाल के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक झटका संदीप पाठक का साथ छोड़ना है। केजरीवाल को अटूट विश्वास था कि पाठक कभी उनका साथ नहीं छोड़ेंगे, लेकिन अंततः 'चाणक्य' ने ही पाला बदल लिया।

केजरीवाल का 'सरप्राइज': संदीप पाठक की वफादारी पर था अटूट भरोसा

संदीप पाठक केवल एक सांसद नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव थे। उन्हें पंजाब और गुजरात चुनावों में पार्टी की सफलता का मास्टरमाइंड माना जाता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल को सांसदों की नाराजगी की भनक 22 अप्रैल को ही लग गई थी। उन्होंने तुरंत एक्टिव होकर विक्रमजीत साहनी, अशोक मित्तल और संदीप पाठक से मुलाकात की थी। केजरीवाल ने पाठक के साथ करीब डेढ़ घंटे तक लंबी चर्चा की थी और उन्हें पूरा यकीन था कि पाठक जैसा वफादार साथी कभी पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं करेगा।

क्यों टूटे संदीप पाठक? हाशिए पर जाने का था दर्द

संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने की वजह उनकी बढ़ती अनदेखी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली चुनाव के बाद पाठक खुद को धीरे-धीरे हाशिए पर महसूस कर रहे थे। संगठन में उनकी पकड़ कमजोर की जा रही थी, जिससे वे लंबे समय से असंतुष्ट थे। एक समय जो पाठक केजरीवाल के सबसे करीबी रणनीतिकार थे, उन्हें ही जब फैसले लेने की प्रक्रिया से दूर किया गया, तो उन्होंने भाजपा का दामन थामना ही बेहतर समझा।

22 अप्रैल की वो सीक्रेट मीटिंग्स और हरभजन से फोन पर बात

दल-बदल से पहले केजरीवाल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने मुंबई में मौजूद हरभजन सिंह से फोन पर संपर्क साधा और विक्रमजीत साहनी से सीधा सवाल किया था कि "क्या आपको भाजपा से फोन आया है?" शुक्रवार की शाम तक केजरीवाल को उम्मीद थी कि वे साहनी और अन्य को रोक लेंगे, लेकिन शाम होते-होते राघव चड्ढा की अगुवाई में सातों सांसदों ने 'कमल' थामकर 'आप' की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

संजय सिंह की चेतावनी: 'यह पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात'

इस बगावत के बाद 'आप' अब कानूनी मोर्चे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर इन सभी सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। सिंह ने इसे 'संविधान के साथ धोखा' करार देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों को जनता ने 'आप' के नाम पर चुना था, लेकिन इन्होंने निजी स्वार्थ के लिए जनादेश का अपमान किया है।

इन दिग्गजों ने छोड़ा केजरीवाल का हाथ

भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों की सूची में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी शामिल हैं। इन सभी ने एक सुर में आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अब अपने नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों से पूरी तरह भटक चुकी है।