Karwa Chauth 2025 : पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत का पूरा मार्गदर्शन
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-07 17:42:00
India News Live,Digital Desk : हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत करती हैं। इस व्रत का पालन करने से न केवल पति की लंबी उम्र सुनिश्चित होती है, बल्कि व्रती की हर मनोकामना पूरी होती है और घर में खुशहाली बढ़ती है।
व्रत का समापन करवा माता और चंद्र देव को अर्घ्य देने के बाद होता है। इस समय महिलाएं छलनी越 से अपने पति का रूप देखती हैं और पति उन्हें पानी पिला कर व्रत खोलते हैं।
करवा चौथ 2025 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, करवा चौथ इस साल शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा।
महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू करती हैं।
संध्या के समय चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं।
शुभ योग और तिथि
इस वर्ष की करवा चौथ पर सिद्धि और शिववास योग बन रहे हैं।
कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र का संगम, साथ ही बव, बालव और तैतिल योग भी बन रहे हैं।
कार्तिक माह का कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि विशेष महत्व रखती है। इसी दिन वक्रतुंड संकष्टी चौथ भी मनाई जाती है।
करवा चौथ पूजा में शामिल करें ये वस्तुएं
गंगाजल, शुद्ध जल, लकड़ी की चौकी, चलनी, करवा, कलश, पीली मिट्टी, अठावरी
हलवा, दक्षिणा, गेहूं, शक्कर, रोली, चावल, जौ, माचिस, पुष्प
कच्चा दूध, घी, दही, मिठाई, सिंदूर, मेहंदी, महावर, कंघा, बिंदी
चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, करवा ढक्कन, दीपक, रुई, कपूर, चंदन, शहद, धूप, कुमकुम, हल्दी
व्रत और पूजा का समय
व्रत समय: सुबह 06:19 से शाम 08:13 तक
पूजा समय: शाम 05:57 से 07:11 तक
चंद्र दर्शन: शाम 08:13 पर
करवा और उसका महत्व
करवा चौथ में करवा को भगवान गणेश के रूप में पूजते हैं। इसमें कलश में जल रखा जाता है और दीपक जलाकर अग्नि देव को साक्षी मानते हुए पूजा की जाती है।
सींक का महत्व
करवा माता के पति पर मगरमच्छ द्वारा आक्रमण के समय करवा माता ने सींक का उपयोग करके उन्हें सुरक्षित किया था। इसी वजह से पूजा में सींक रखना जरूरी माना जाता है।
कलश और पूजा थाली
संध्या के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए कलश और जौ का प्रयोग किया जाता है।
यह व्रत घर में सुख, शांति और समृद्धि बढ़ाने में सहायक है।