Jharkhand Budget 2026: महिलाओं की किस्मत चमकाएगी 'मंईयां उद्यम योजना', ₹20,000 के लोन के साथ स्वरोजगार का मिलेगा बड़ा मौका
India News Live,Digital Desk : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है। इस बार का बजट पूरी तरह से 'आधी आबादी' और युवाओं को समर्पित रहने वाला है। बजट के पिटारे से महिलाओं के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी 'मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना' के रूप में निकलने वाली है, जिसके तहत महिला उद्यमियों को अपना छोटा कारोबार शुरू करने के लिए 20,000 रुपये का एकमुश्त ऋण (Loan) दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना: क्या है सरकार का मास्टर प्लान?
राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल घर तक सीमित न रखकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत:
महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय, सिलाई-कढ़ाई या कुटीर उद्योग शुरू करने के लिए ₹20,000 का आसान लोन दिया जाएगा।
बैंकों ने इस योजना के लिए अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जा सकती है ताकि वे बिना किसी बिचौलिए के अपना काम शुरू कर सकें।
19 लाख महिला किसानों को मिलेगी नई पहचान
झारखंड की कृषि अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान पुरुषों के बराबर है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुल 38 लाख किसानों में से लगभग 19 लाख महिलाएं हैं। बजट में पहली बार महिला किसानों को 'औपचारिक मान्यता' देने की तैयारी की गई है। उन्हें न केवल खेती के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि 'मंईयां उद्यम योजना' से जोड़कर कृषि-आधारित उद्यमी (Agri-Entrepreneurs) बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
जोहार योजना फेज-2: ग्रामीण आय बढ़ाने का मिशन
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विश्व बैंक संपोषित 'जोहार परियोजना' का दूसरा चरण (Phase-2) भी इस बजट में लॉन्च किया जाएगा। इस योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
लक्ष्य: ग्रामीण क्षेत्रों की अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं की आय में वृद्धि करना।
क्षेत्र: पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और लघु वनोपज (Forest Produce) जैसे क्षेत्रों में ऋण की सुविधा।
सफलता: जोहार योजना के पहले चरण में परिवारों की औसत आय में 35% तक की वृद्धि दर्ज की गई थी, जिसे अब और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी है।
युवाओं और ग्रामीण विकास पर भी रहेगा फोकस
वित्त विभाग को कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय से मिले प्रस्तावों के आधार पर, बजट में युवाओं के लिए कौशल विकास और नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कोष (Fund) का प्रावधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना के माध्यम से महिलाओं को उत्पादक समूहों (Productive Groups) से जोड़कर ग्रामीण उद्यमिता का एक नया इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश है।