डिमोना पर हमले से इजरायल का 'अभेद्य' कवच तार-तार! ईरान की मिसाइलों ने कैसे भेद दिया दुनिया का सबसे एडवांस एयर डिफेंस
India News Live,Digital Desk : इजरायल, जो अपनी सैन्य तकनीक और 'अभेद्य' सुरक्षा घेरे के लिए दुनिया भर में मशहूर है, शनिवार की रात एक गहरे सदमे में डूब गया। ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों ने न केवल इजरायल के डिमोना (Dimona) और अराद (Arad) जैसे शहरों को दहला दिया, बल्कि दुनिया के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम के दावों की पोल भी खोल दी। यह हमला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि डिमोना वही इलाका है, जिसके पास इजरायल का गुप्त परमाणु रिसर्च सेंटर स्थित है।
परमाणु ठिकाने के करीब धमाका: नेगेव रेगिस्तान में मची खलबली
इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित डिमोना शहर सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। माना जाता है कि इजरायल के परमाणु हथियारों का जखीरा इसी क्षेत्र में सुरक्षित रखा गया है। शनिवार रात ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलें करीब 1500 किलोमीटर का सफर तय कर सीधे रिहायशी इलाकों में जा गिरीं। इस हमले में 180 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। सवाल यह उठ रहा है कि जिस इलाके की सुरक्षा में आयरन डोम से लेकर अमेरिकी THAAD तक तैनात हैं, वहां मिसाइलें कैसे पहुंच गईं?
फेल हो गया मल्टी-लेयर सुरक्षा चक्र?
इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए कई स्तरों (Multi-layer) का डिफेंस मैकेनिज्म तैयार कर रखा है, जो इस हमले के दौरान नाकाम साबित हुआ:
एरो-3 (Arrow-3): इजरायल का सबसे उन्नत सिस्टम, जो अंतरिक्ष के पास ही मिसाइल को नष्ट करने की क्षमता रखता है।
THAAD (थाड): अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और आधुनिक सिस्टम, जिसे खास तौर पर इजरायल की मदद के लिए तैनात किया गया था।
डेविड्स स्लिंग (David’s Sling): मध्यम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए विशेषज्ञ।
आयरन डोम (Iron Dome): छोटे रॉकेटों को हवा में ही ढेर करने वाला मशहूर सिस्टम।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी परतों के बावजूद मिसाइलों का गिरना यह साबित करता है कि कोई भी तकनीक 100 फीसदी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
क्या खत्म हो रहा है इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक?
इस नाकामी के पीछे एक बड़ा तर्क यह दिया जा रहा है कि लंबे समय से जारी युद्ध के कारण इजरायल के पास इंटरसेप्टर मिसाइलों (हमलावर मिसाइल को रोकने वाली मिसाइल) की कमी हो गई है। कहा जा रहा है कि इजरायल अब चुन-चुनकर मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर रहा है ताकि स्टॉक बचा रहे। हालांकि, इजरायली सेना ने आधिकारिक तौर पर इन दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि उनके पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
जांच के घेरे में 'एडवांस' तकनीक
इस हमले ने इजरायल और अमेरिका दोनों के रक्षा विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। अब इस बात की गहन जांच की जा रही है कि क्या ईरान की मिसाइल तकनीक में कोई बड़ा बदलाव आया है या इजरायली रडार सिस्टम उन्हें समय रहते ट्रैक करने में विफल रहे। डिमोना जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सेंध लगना इजरायल के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और सैन्य झटका है।