ईरान जंग पर 'ब्रेक'! ट्रंप का बड़ा एलान- 5 दिनों तक पावर प्लांट पर नहीं होगा अटैक, क्या थमने वाला है महायुद्ध

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India News Live,Digital Desk : पिछले 24 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरी दुनिया को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए ईरान के साथ 'सार्थक बातचीत' होने का दावा किया है। ट्रंप ने अपनी सेना को अगले पांच दिनों तक ईरानी पावर प्लांट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किसी भी तरह का सैन्य हमला न करने का कड़ा निर्देश दिया है।

ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट: बातचीत की नई उम्मीद

सोमवार को किए गए अपने पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे कुछ सकारात्मक घटा है। उन्होंने लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में हमारी आपसी दुश्मनी को पूरी तरह से खत्म करने के संबंध में बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है।"

5 दिनों का 'सीजफायर': ऊर्जा ठिकानों को मिली राहत

ट्रंप ने इस बातचीत के 'लहजे और मिजाज' को सकारात्मक बताते हुए युद्ध विभाग को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। उनके निर्देश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

हमलों पर रोक: अगले 5 दिनों तक ईरान के बिजली संयंत्रों (Power Plants) और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सफलता की शर्त: यह फैसला पूरी तरह से इस हफ्ते होने वाली बैठकों और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा।

सार्थक चर्चा: ट्रंप ने इन वार्ताओं को 'गहरी, विस्तृत और रचनात्मक' करार दिया है।

क्या युद्ध विराम की ओर बढ़ रहे हैं कदम?

24 दिनों के निरंतर संघर्ष के बाद, जिसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है, ट्रंप का यह कदम एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पावर ग्रिड पर हमले की धमकी के बाद जिस तरह से तनाव चरम पर था, यह 5 दिनों का 'ब्रेक' भविष्य में पूर्ण युद्ध विराम (Ceasefire) का आधार बन सकता है।

बाजार और दुनिया पर असर

ट्रंप की इस घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजार और शेयर बाजारों में स्थिरता आने की उम्मीद है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह बड़ी खबर है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने से तेल और गैस की आपूर्ति बहाल होने का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि ईरान इस 'शांति प्रस्ताव' पर किस तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है।