पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले PoJK में चुनावी नाटक पर भारत का कड़ा प्रहार, विदेश मंत्रालय ने खोला फर्जीवाड़े का कच्चा चिट्ठा; जानें क्या बोले रणधीर जायसवाल
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आयोजित किए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों को लेकर भारत सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय मंच से स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। इन क्षेत्रों के जिन हिस्सों पर पाकिस्तान का गैर-कानूनी और जबरन कब्जा है, वे भी भारत के ही हैं। भारत ने साफ कर दिया कि चुनाव के नाम पर जारी यह कवायद पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे और वहां जारी मानवाधिकारों के गंभीर हनन पर पर्दा डालने की एक नाकाम कोशिश है।
'जनता के आक्रोश का नतीजा है जारी आंदोलन'
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि PoJK में वर्तमान समय में जो व्यापक जनआंदोलन और असंतोष देखा जा रहा है, वह वहां की जनता के लगातार हो रहे आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और उनके मौलिक अधिकारों के हनन का प्रत्यक्ष परिणाम है। पाकिस्तान लगातार उस क्षेत्र के नागरिकों की आवाज दबाने और उनकी लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को छीनने का काम कर रहा है।
3 चरणों में 45 सीटों का चुनाव, पहले ही चरण में धांधली का हंगामा
PoJK की तथाकथित विधानसभा की कुल 45 सीटों के लिए 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में चुनाव संपन्न कराए जा रहे हैं। सोमवार को हुए पहले चरण के मतदान के तहत 13 सीटों पर वोट डाले गए, जिसके चुनावी नतीजों की घोषणा मंगलवार को की गई। शुरुआती नतीजों के मुताबिक, सेना समर्थित पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने 9 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के खाते में 4 सीटें गईं। हालांकि, मतदान की प्रक्रिया शुरू होते ही बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ी के आरोप लगने शुरू हो गए हैं।
पाकिस्तान में सियासी घमासान, आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी
पहले चरण के नतीजों के बाद पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में भी उबाल आ गया है। पीपीपी (PPP) के वरिष्ठ नेता नैयर बुखारी ने सीधे तौर पर 7 सीटों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी की जीती हुई सीटें PML-N को सौंप दी गईं। पीपीपी नेताओं ने मांग की है कि जब तक धांधली के आरोपों की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्वाचन आयोग को नतीजे घोषित नहीं करने चाहिए। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुए हैं।