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July 29 2026 10:53 am

बलात्कारियों का बचाव करने वाले को पीएम मोदी ने बनाया शिक्षा मंत्री: प्रियंका के बाद राहुल गांधी का प्रहार, संसद में ममासान

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नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर देश की राजनीति में सियासी पारा चढ़ गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे युवाओं के आंदोलन के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक ऐसे व्यक्ति को भारत का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है जो बलात्कारियों का बचाव करता है।

'बलात्कारियों के पैरोकार को मंत्री बनाना शर्मनाक'

संसद परिसर में प्रियंका गांधी के साथ मौजूद राहुल गांधी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों और सुधारों की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह फैसला बेहद अजीब और निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई योग्य और अनुभवी लोग मौजूद हैं, पीएम मोदी किसी को भी यह जिम्मेदारी दे सकते थे। लेकिन उन्होंने जानबूझकर एक ऐसे व्यक्ति को चुना जिसने अतीत में बलात्कारियों को संरक्षण देने और उनका बचाव करने की वकालत की है। राहुल गांधी ने इसे देश के लिए बेहद शर्मनाक करार दिया।

लोकसभा में प्रियंका की टिप्पणी पर भारी हंगामा

इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बहुचर्चित बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई और जमानत से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधा था। हालांकि, प्रियंका गांधी द्वारा की गई टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा (Expunge) दिया। इस मुद्दे को लेकर सदन के भीतर काफी देर तक जोरदार हंगामा देखने को मिला।

सत्ता पक्ष का पलटवार: 'चरित्र हनन के लिए प्रियंका मांगें माफी'

सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार, झूठा और चरित्र हनन करने वाला बताया। किरेन रिजिजू ने कहा कि बिना किसी ठोस सत्यापन और सबूत के देश के कैबिनेट मंत्री पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों का सत्यापन नहीं कर सकती हैं, तो उन्हें पूरे सदन से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ, प्रियंका गांधी ने साफ किया कि वह उचित और आधिकारिक माध्यम से सदन के पटल पर अपनी बात के प्रमाण प्रस्तुत करेंगी।