Income Tax Department cracks down on those not disclosing foreign assets : NUDGE कैंपेन का दूसरा चरण शुरू
India News Live,Digital Desk : आयकर विभाग अब उन करदाताओं पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है जिन्होंने विदेशों में संपत्ति (foreign assets) होने के बावजूद अपने ITR में इसका खुलासा नहीं किया। विभाग ने गुरुवार को बताया कि उसने “हाई रिस्क” वाले मामलों की पहचान की है, जहां एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी छुपाई गई है।
28 नवंबर से, विभाग ऐसे करदाताओं को SMS और ईमेल भेजना शुरू करेगा। इसमें उन्हें 31 दिसंबर, 2025 तक संशोधित ITR दाखिल करने की सलाह दी जाएगी, ताकि वे दंडात्मक कार्रवाई से बच सकें।
NUDGE कैंपेन का दूसरा चरण
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इस कैंपेन का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
शुरुआत में लगभग 25,000 हाई रिस्क केस चुने गए हैं।
दिसंबर के मध्य से अभियान का सक्रिय चरण शुरू होगा।
बड़े कॉरपोरेट्स के कर्मचारी जिनके पास विदेशी संपत्ति है और जिन्होंने इसका खुलासा नहीं किया, उन्हें भी इस अभियान में शामिल किया गया है।
काले धन अधिनियम के तहत, विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने पर 30% टैक्स, 10 लाख रुपये का जुर्माना और देय कर पर 300% पेनाल्टी लग सकती है।
आयकर विभाग की कार्रवाई का असर
इस पहल के पहले चरण में, 24,678 करदाताओं ने अपने ITR की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने:
1,089.88 करोड़ रुपये की विदेशी स्रोत आय का खुलासा किया।
29,208 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति का खुलासा किया।
इस अभियान में CRS (Common Reporting Standard) और दुबई समेत अन्य देशों से मिले आंकड़ों का उपयोग किया गया। दिल्ली, मुंबई और पुणे में तलाशी के बाद भी सैकड़ों करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति और आय सामने आई।
जानें, क्यों जरूरी है विदेशी संपत्ति का सही खुलासा
दंड से बचाव: समय पर ITR संशोधित करने से भारी पेनाल्टी और जुर्माने से बचा जा सकता है।
कानूनी सुरक्षा: विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने पर कराधान और कानूनी कार्रवाई बढ़ सकती है।
क्रेडिट और वित्तीय सुरक्षा: विदेशी संपत्ति सही तरीके से दिखाने से बैंक और वित्तीय संस्थानों के साथ लेन-देन सुरक्षित रहता है।