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July 26 2026 01:44 am

थाईलैंड में महिला ने बौद्ध भिक्षुओं को जाल में फंसाकर ऐंठे करोड़ों, ब्लैकमेलिंग स्कैंडल से मठों की साख पर सवाल

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India News Live,Digital Desk : थाईलैंड में एक महिला द्वारा बौद्ध भिक्षुओं को ब्लैकमेल करने और करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को हिला दिया है। आरोपी महिला विलावान एम्सावत (लगभग 35 वर्ष) को थाई पुलिस ने राजधानी बैंकॉक के नजदीक नोनथाबुरी प्रांत से गिरफ्तार किया।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, विलावान ने सोशल मीडिया के ज़रिए कई बौद्ध भिक्षुओं से संपर्क किया और फिर निजी संबंधों में उलझाकर उन्हें ब्लैकमेल करने लगी। शुरुआती जांच में सामने आया कि कम से कम 9 भिक्षु उसके जाल में फंस चुके हैं, जिन्हें अब मठ से निष्कासित कर दिया गया है।

फोन से खुला बड़ा राज
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने महिला का फोन खंगाला, तो उसमें भिक्षुओं के साथ चैटिंग, वीडियो और निजी तस्वीरों की भरमार मिली। पूछताछ में विलावान ने एक भिक्षु के साथ रिश्ते में रहने की बात मानी है।

ब्लैकमेलिंग का खुलासा कैसे हुआ?
केंद्रीय जांच ब्यूरो के डिप्टी कमिश्नर जारूनकियात पंकेव ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब एक वरिष्ठ मठाधीश ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जांच में पता चला कि महिला उसे प्रेग्नेंसी का झांसा देकर 222,000 डॉलर (करीब 1.85 करोड़ रुपये) की मांग कर रही थी।

विलावान के अकाउंट में पहुंचे 102 करोड़ रुपये
पुलिस की साइबर और आर्थिक अपराध शाखा ने जांच में पाया कि महिला के बैंक खाते में पिछले तीन सालों में 11.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 102.33 करोड़ रुपये) जमा हुए। ये अधिकतर ट्रांजैक्शन बौद्ध भिक्षुओं द्वारा किए गए थे।

सवालों के घेरे में मठ प्रशासन
इस कांड के बाद थाईलैंड में मठ प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। थाईलैंड में थेरवाद संप्रदाय के बौद्ध भिक्षु ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं, और किसी महिला को छूना भी उनके लिए नियमों का उल्लंघन है।

लोग अब मांग कर रहे हैं कि बौद्ध मठों की फंडिंग और प्रबंधन प्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि भविष्य में कोई इस तरह धार्मिक आस्था का मज़ाक न बना सके।