अधिकमास में दीपक और बेलपत्र के इस उपाय से बरसेगी शिव-लक्ष्मी की कृपा, दूर होगी दरिद्रता; जानें क्या करें दान
हिंदू धर्म में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) का बहुत अधिक आध्यात्मिक महत्व है। वर्तमान में अधिकमास चल रहा है, जो 15 जून 2026 को समाप्त होगा। इसके बाद से ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा। हालांकि अधिकमास में किसी भी तरह के मांगलिक कार्य (जैसे मुंडन, शादी, गृह प्रवेश) वर्जित होते हैं, लेकिन पूजा-पाठ, जप, तप और दान के लिहाज से इस महीने को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यदि आप अब तक इस पवित्र महीने का लाभ नहीं उठा पाए हैं, तो 15 जून से पहले भगवान शिव और धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए ये विशेष उपाय जरूर कर लें।
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए 'घी के दीपक' का चमत्कारी उपाय
अधिकमास के दौरान घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए घी के दीपक का उपाय बेहद असरदार माना जाता है। जिस तरह कार्तिक मास में दीपदान का महत्व है, ठीक उसी तरह अधिकमास में भी इसका विशेष फल मिलता है।
तुलसी और पीपल पूजा: रोज सुबह और शाम को मां तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक जरूर जलाएं। शाम के समय आटे का एक चौमुखी दीपक बनाकर उसमें घी डालें और उसे पीपल के पेड़ के पास या फिर अपने घर की मुख्य चौखट (Main Door) पर रखें। माना जाता है कि इस उपाय से मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
शिव-पार्वती की कृपा के लिए शिवलिंग के पास जलाएं दीया
यदि आप महादेव और माता पार्वती का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो प्रतिदिन अपने घर से तांबे के लोटे में स्वच्छ जल भरकर शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के बाद, भगवान शिव और माता अशोक सुंदरी (शिवलिंग पर उठी हुई जो मोटी लाइन होती है) के बीच वाले स्थान के पास गाय के घी का एक दीपक जलाएं। इस उपाय से वैवाहिक जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
बेलपत्र और लाल चंदन का यह उपाय हर लेगा सारे संकट
अधिकमास में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र का यह उपाय किसी रामबाण से कम नहीं है:
शाम के समय कुछ साफ-सुथरे बेलपत्र लें (ध्यान रहे कि बेलपत्र कटे-फटे न हों)।
इन बेलपत्रों को शुद्ध जल से धो लें और उनकी तीनों पत्तियों पर लाल चंदन से स्वास्तिक बनाएं।
इसके बाद शिव मंदिर जाकर इन बेलपत्रों को शिवलिंग पर अर्पित कर दें।
इसके साथ ही आप महादेव को मूंग, गेहूं, चावल, जौ और काले तिल भी अर्पित कर सकते हैं। यह उपाय आपकी हर अधूरी मनोकामना को जल्द पूरा कर सकता है।
15 जून से पहले जरूर करें इन चीजों का दान, मिलेगा 33 गुना फल
अधिकमास को '33 देवताओं का मास' भी कहा जाता है, इसलिए इस महीने में 33 चीजों का दान करने का विधान है। यदि आप रोज दान नहीं कर पा रहे हैं, तो 15 जून को अधिकमास समाप्त होने से पहले एक साथ 33 मालपुए, तांबे के बर्तन या आम का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को अवश्य करें। इससे भगवान विष्णु की असीम कृपा मिलती है। इसके अलावा इस मास में बथुआ, हरी मटर, जीरा, सोंठ, सेंधा नमक, इमली, ककड़ी और केला आदि का दान करना भी महापुण्यदायी माना गया है।