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July 23 2026 07:39 pm

Aaj Ka Panchang 4 June 2026: आज ज्येष्ठ अधिक मास की चतुर्थी, शुक्ल योग के खास संयोग में ऐसे करें श्रीहरि विष्णु की पूजा

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वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 4 जून 2026, गुरुवार को ज्येष्ठ अधिक मास (द्वितीय ज्येष्ठ) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक रूप से बेहद विशेष माना जा रहा है, क्योंकि गुरुवार के साथ-साथ उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और शुक्ल योग का एक बेहद दुर्लभ व सकारात्मक संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्ल योग को बेहद शुभ और मंगलकारी माना गया है। ऐसे में आज के दिन किए गए मांगलिक कार्य और भगवान विष्णु की आराधना जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति लेकर आती है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, राहुकाल का समय और पूजा की सबसे सरल विधि।

आज बन रहा है शुक्ल और ब्रह्म योग का महासंयोग

द्रिक पंचांग के मुताबिक, आज सुबह 09 बजकर 03 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा, जिसके बाद ब्रह्म योग की शुरुआत हो जाएगी। ये दोनों ही योग किसी भी नए काम की शुरुआत, निवेश या धार्मिक अनुष्ठान के लिए बेहद फलदायी माने जाते हैं। आज चंद्रमा सुबह 07 बजकर 42 मिनट तक धनु राशि में संचार करेंगे और इसके बाद मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

गुरुवार को इस आसान विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा

गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होता है। आज अधिक मास की चतुर्थी होने से इस पूजा का महत्व दोगुना हो गया है। सुख-समृद्धि की कामना के लिए आज इस सरल विधि से पूजा करें:

स्नान और वस्त्र: सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के प्रिय पीले रंग के स्वच्छ कपड़े धारण करें।

दीपदान और अर्घ्य: पूजा घर में पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और विष्णु जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं।

पूजा सामग्री: भगवान को चंदन का तिलक लगाएं, पीले फूल, फल और विष्णु जी की सबसे प्रिय तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) जरूर अर्पित करें।

महामंत्र का जाप: इसके बाद तुलसी की माला से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करें।

आरती और भोग: पूजा के अंत में विष्णु जी की आरती गाएं, उन्हें पीले रंग की मिठाई या चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं। अंत में अनजाने में हुई भूलचूक के लिए क्षमा जरूर मांगें।

आज के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

सूर्योदय: सुबह 05:23 बजे

सूर्यास्त: शाम 07:16 बजे

चंद्रोदय: रात 10:43 बजे

चन्द्रास्त: सुबह 08:17 बजे (5 जून)

राहुकाल का समय (आज का अशुभ मुहूर्त)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

राहुकाल: दोपहर 02:04 बजे से दोपहर 03:48 बजे तक

यमगण्ड: सुबह 05:23 बजे से सुबह 07:07 बजे तक

गुलिक काल: सुबह 08:51 बजे से सुबह 10:35 बजे तक

आज के सबसे शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Today)

यदि आप आज कोई नया काम, खरीदारी या शुभ काम करने की सोच रहे हैं, तो इन मुहूर्तों का उपयोग कर सकते हैं:

अभिजित मुहूर्त (सबसे उत्तम): सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 बजे से सुबह 04:43 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:38 बजे से दोपहर 03:34 बजे तक

अमृत काल: रात 08:34 बजे से रात 10:21 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:15 बजे से शाम 07:35 बजे तक

दिन और रात का चौघड़िया मुहूर्त

दिन का चौघड़िया:

शुभ (उत्तम): सुबह 05:23 बजे से सुबह 07:07 बजे तक

लाभ (उन्नति): दोपहर 12:20 बजे से दोपहर 02:04 बजे तक

अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 02:04 बजे से दोपहर 03:48 बजे तक

रात का चौघड़िया:

अमृत (सर्वोत्तम): शाम 07:16 बजे से रात 08:32 बजे तक

शुभ (उत्तम): रात 02:51 बजे से सुबह 04:07 बजे तक